साल 2024 में उत्तर प्रदेश के अयोध्या में एक गैंगरेप केस चर्चा में आया था। एक आरोपी मोईद खान का कनेक्शन समाजवादी पार्टी से निकला तो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस केस का जिक्र विधानसभा के पटल पर भी किया था। उत्तर प्रदेश सरकार ने मोईद खान के शॉपिंग कॉम्प्लेक्स पर बुलडोजर चलवा दिया था। अब लगभग डेढ़ साल के बाद अदालत ने मोईद खान को बरी कर दिया है और इस केस में मोईद के नौकर को दोषी पाया है। पीड़िता की मां का कहना है कि उन्होंने राजनीतिक दवाब में केस दर्ज कराया था।
इस मामले में सुनवाई करते हुए अयोध्या की एक अदालत ने कहा है कि डीएनए जांच में मोईद के नौकर राजू खान के डीएनए मैच हुए हैं। मोईद खान का डीएनए मैच नहीं हुआ है जिसके चलते मोईद को बरी किया जाता है। यह मामला 12 साल की लड़की के गैंगरेप का है। इस केस में लड़की गर्भवती भी हो हो थी। 29 जुलाई 2024 को भदरसा पुलिस थाने में जो रिपोर्ट लिखाई गई थी उसमें मोईद खान और उनके नौकर राजू को आरोप बनाया गया था।
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शॉपिंग कॉम्प्लेक्स पर चला था बुलडोजर
स्पेशल कोर्ट (पॉक्सो) की जज निरुपमा विक्रम ने 66 साल के मोईद को बरी कर दिया है और राजू को दोषी करार दिया है। जल्द ही राजू को सजा भी सुनाई जाएगी। बता दें कि इस केस में नाम आने के बाद अयोध्या में मोईद खान की दुकानों और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स पर प्रशासन ने बुलडोजर चलवा दिया था।
इस मामले की पुलिस जांच में भी कई विरोधाभास सामने आए। कभी यह कहा गया कि घटना मोईद खान की बेकरी के अंदर हुई तो कभी यह कहा गया कि बेकरी के बाहर पेड़ के नीचे गैगरेप किया। अब पीड़िता की मां ने भी स्वीकार किया है कि राजनीतिक दबाव में उन्होंने मोईद खान का नाम ले लिया था।
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यह भी बता दें कि मोईद खान को गिरफ्तार किए जाने के बाद 22 अगस्त 2024 को अयोध्या जिला प्रशासन ने मोईद खान की बेकरी पर बुलडोजर चलाकर उसे धव्स्त कर दिया गया था। पीड़िता गर्भवती थी इसलिए 7 अगस्त 2024 को उसका गर्भपात लखनऊ के क्वीन मैरी अस्पताल में करवाया गया था।
