उत्तर प्रदेश में माफिया और संगठित अपराध के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच पूर्व बाहुबली विधायक विजय मिश्रा के आर्थिक साम्राज्य एक-एक करके गिर रहा है। भदोही पुलिस ने महाराष्ट्र के धाराशिव जिले में स्थित लल्ली एग्रो इंडस्ट्रीज (दाल मिल) को गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क कर लिया है। पुलिस के मुताबिक इस औद्योगिक इकाई की अनुमानित कीमत 100 करोड़ 25 लाख रुपये है। इस कार्रवाई के साथ विजय मिश्रा गैंग की अब तक करीब 250 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं। पुलिस इसे अपराध से अर्जित अवैध संपत्ति के खिलाफ सबसे बड़ी आर्थिक कार्रवाई बता रही है।
भदोही पुलिस की जांच में सामने आया कि महाराष्ट्र के धाराशिव जिले में स्थित यह दाल मिल कथित तौर पर अपराध से अर्जित धन से स्थापित की गई थी। इसके बाद जिलाधिकारी के आदेश पर गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत स्थानीय प्रशासन और महाराष्ट्र पुलिस की मौजूदगी में पूरी संपत्ति को कुर्क कर सरकारी कब्जे में ले लिया गया। कार्रवाई के दौरान सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं।
2022 से लगातार टूट रही आर्थिक कमर
भदोही पुलिस वर्ष 2022 से विजय मिश्रा गैंग की अवैध संपत्तियों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। वर्ष 2022 से 2025 के बीच 2 अरब 41 करोड़ रुपये से अधिक की चल और अचल संपत्तियां कुर्क की गई थीं। अब 100 करोड़ से अधिक मूल्य की इस दाल मिल के कुर्क होने के बाद कुल जब्त संपत्ति का आंकड़ा करीब ढाई सौ करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
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यूपी से महाराष्ट्र तक फैला था निवेश
पुलिस का आरोप है कि विजय मिश्रा गैंग ने लंबे समय तक रंगदारी, भय, दबाव और अन्य संगठित आपराधिक गतिविधियों के जरिए भारी संपत्ति अर्जित की। इसी धन से उत्तर प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में करोड़ों रुपये का निवेश किया गया। अब पुलिस ऐसे सभी निवेशों और संपत्तियों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में ला रही है।
पूरे परिवार को मिल चुकी है सजा
आर्थिक कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी मोर्चे पर भी विजय मिश्रा परिवार को बड़ा झटका लग चुका है। वर्ष 2026 में अदालत ने प्रभावी पैरवी के बाद पूर्व विधायक विजय मिश्रा, उनकी पत्नी और पुत्र को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई, जबकि पुत्रवधू को 4 वर्ष के कठोर कारावास का दंड दिया। सभी दोषियों पर कुल 5.26 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
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'अपराध की कमाई कहीं भी होगी, कानून पहुंचेगा'
भदोही के पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने कहा कि अपराध से अर्जित हर संपत्ति की पहचान कर उसके खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। चाहे अवैध संपत्ति किसी भी राज्य में क्यों न हो, उसे कानून के दायरे में लाया जाएगा। उनका कहना है कि माफिया की आर्थिक ताकत को खत्म करना ही इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।
महाराष्ट्र में 100 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की औद्योगिक इकाई की कुर्की को उत्तर प्रदेश सरकार की माफिया विरोधी नीति की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि विजय मिश्रा गैंग से जुड़ी अन्य राज्यों की संपत्तियों की भी जांच जारी है और अवैध निवेशों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।


