तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (TSRTC) की हड़ताल चल रही है। हड़ताल के दौरान वारंगल जिले में 23 अप्रैल को एक बस ड्राइवर ने खुद को पेट्रोल डालकर आग लगा ली। आत्मदाह करने वाले ड्राइवर की देर रात ईलाज के दौरान मौत हो गई। आग की वजह से ड्राइवर गंभीर रूप से झुलस गया था। हड़ताल के कारण राज्यभर में सार्वजनिक सड़क परिवहन सेवाएं बुरी तरफ से प्रभावित रहीं।

 

टीएसआरटीसी कर्मियों द्वारा अपनी मांगों को लेकर गुरुवार को प्रदर्शन किया था। इस प्रदर्शन के दौरान वारंगल के नरसामपेट में 55 साल के ड्राइवर शंकर गौड़ ने खुद पर पेट्रोल छिड़कर आग लगा ली थी। कर्मचारी TSRTC के सरकार में विलय सहित कई मांगों को लेकर 22 अप्रैल को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए थे।

 

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अनुग्रह राशि की घोषणा

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शंकर गौड़ के शव को अंतिम संस्कार के लिए वारंगल जिले में उसके रिश्तेदार के गांव मुत्तोजीपेट ले जाया गया। परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने घोषणा की कि गौड़ के परिजनों को 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि, एक घर और एक सरकारी नौकरी प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने भी कर्मचारी की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया। 

 

इस बीच, सरकार द्वारा नियुक्त अधिकारियों की समिति और उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडल उप-समिति ने प्रदर्शनकारी कर्मियों के मंच ज्वाइंट एक्शन कमेटी (जेएसी) के साथ देर रात तक मैराथन बातचीत की। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह वार्ता सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। टीएसआरटीसी कर्मचारियों की जेएसी ने 24 से 29 अप्रैल तक मौन मार्च और ज्ञापन सौंपने सहित अपने विरोध कार्यक्रमों की घोषणा की है।

 

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क्यों हो रही है हड़ताल?

बता दें कि TSRTC के कर्मचारियों की संयुक्त कार्रवाई समिति (JAC) ने 22 अप्रैल से विरोध कार्यक्रमों का ऐलान किया था। वे शांतिपूर्ण मार्च और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपने वाले थे। कर्मचारी 32 मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, जिनमें TSRTC के सरकारी विलय की मांग प्रमुख है।