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लौह अयस्क की आड़ में हो रही थी गांजे की तस्करी, पुलिस ने धर दबोचा

बिहार में लौह अयस्क की आड़ में गांजे की तस्करी की जा रही थी जिसकी अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत डेढ़ करोड़ रुपये है।

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संजय सिंह, पटना। बिहार में मादक पदार्थों के खिलाफ जारी अभियान के बीच एक बड़ी कार्रवाई में राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने तस्करों के संगठित नेटवर्क को बड़ा झटका दिया है। लौह अयस्क की आड़ में छिपाकर ले जाई जा रही 281 किलोग्राम गांजे की खेप को जब्त करते हुए एक ट्रक चालक को गिरफ्तार किया गया है। शुरुआती जांच में अंतरराज्यीय तस्करी के एक सुनियोजित नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जो ओडिशा से उत्तर भारत तक सक्रिय था।

 

सूत्रों के अनुसार, डीआरआई को गुप्त सूचना मिली थी कि ओडिशा के रास्ते भारी मात्रा में मादक पदार्थ ट्रक के जरिए बिहार होते हुए उत्तर प्रदेश भेजा जा रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए टीम ने गया जिले के डोभी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-2 (एनएच-2) पर जाल बिछाया। देर रात संदिग्ध ट्रक को रोककर तलाशी ली गई, जहां से यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ।

 

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ट्रक में छिपा था गांजा

तलाशी के दौरान ट्रक में ऊपर से लौह अयस्क लदा हुआ था, जिससे पहली नजर में कुछ भी संदिग्ध नहीं लग रहा था। लेकिन गहराई से जांच करने पर अयस्क के बीच छिपाकर रखी गई बोरियों में गांजा बरामद हुआ। कुल 281 किलो गांजे की इस खेप की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये आंकी गई है। तस्करों ने इतनी चालाकी से छिपाव किया था कि सामान्य जांच में इसका पता लगाना मुश्किल था।

ड्राइवर गिरफ्तार

मौके से ट्रक चालक मोहम्मद जावेद इकबाल (37 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया, जो जम्मू-कश्मीर के कठुआ का निवासी है। पूछताछ में उसने बताया कि गांजे की यह खेप ओडिशा के बोलांगीर से लोड की गई थी और हरियाणा होते हुए वाराणसी पहुंचाई जानी थी। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी पहले भी मादक पदार्थ तस्करी के मामले में जेल जा चुका है, जिससे उसके नेटवर्क से गहरे संबंधों की आशंका और मजबूत हो गई है।

पूछताछ में खुली बात

डीआरआई अधिकारियों ने बताया कि आरोपी से पूछताछ में कई अहम नाम और स्थान सामने आए हैं। इससे संकेत मिलता है कि यह कोई एकल घटना नहीं, बल्कि एक संगठित और विस्तृत नेटवर्क का हिस्सा है। इस नेटवर्क के जरिए राज्यों की सीमाओं को पार कर बड़े पैमाने पर नशे की आपूर्ति की जा रही थी। अब जांच एजेंसियां इन सुरागों के आधार पर पूरे गिरोह को पकड़ने की दिशा में कार्रवाई तेज कर रही हैं।

युवाओं को बना रहा निशाना

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के नेटवर्क खासकर युवाओं को निशाना बनाकर मादक पदार्थों की सप्लाई करते हैं। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता भी जरूरी है, ताकि समाज को इस खतरे से बचाया जा सके।

 

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आगे की कार्रवाई जारी

डीआरआई ने बताया कि आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और पूरे मामले की गहन जांच जारी है। जब्त किए गए ट्रक, गांजा और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी संभव है। 

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