आंध्र प्रदेश में स्थिति तिरुपति बालाजी मंदिर में प्रसाद को लेकर साल 2024 में जमकर बवाल हुआ था। मंदिर में प्रसाद के रूप में दिए जाने वाले लड्डू में घी के साथ पशु की चर्बी और फिश ऑयल का इस्तेमाल करने के आरोप लगे थे। अब इस मामले में नया मोड़ आया है। सीबीआई की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने इस मामले ने चार्जशीट फाइल कर दी है। चार्जशीट में कहा गया है कि तिरुपत्ती के लड्डू में जानवरों के चर्बी की कोई मिलावट नहीं की गई थी। अब इस रिपोर्ट के बाद एक बार फिर आंध्र प्रदेश की राजनीति गर्मा गई है।
इस मामले में आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू ने उनसे पहले की सरकार को दोषी ठहराया था और कई गंभीर आरोप लगाए थे लेकिन अब जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद विपक्षी YSRCP ने सीएम एन चंद्रबाबू नायडू और डिप्टी सीएम पवन कल्याण पर हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। YSRCP पार्टी ने सीएम और डिप्टी सीएम दोनों नेताओं से माफी मांगने की मांग की।
यह भी पढ़ें: BJP विधायक ने मंत्री स्वतंत्र देव को घेरा, कहा- काम नहीं हुआ तो छोड़ूंगा नहीं
CBI ने क्या बताया?
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद अक्टूबर 2024 में सीबीआई के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन किया था। इस एसआईटी ने 23 जनवरी, 2026 को नेल्लोर स्थित एसीबी कोर्ट में फाइनल चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस रिपोर्ट में बड़े पैमाने पर मिलावट का खुलासा हुआ है लेकिन जो दावा किया जा रहा था कि इसमें पशु की चर्बी है वह गलत बताया गया। चार्जशीट में बताया गया है कि घी में मिलावट की गई थी और इसके लिए वनस्पति तेलों और लैब में तैयार किया गया सिंथेटिक घी का इस्तेमाल किया गया था। चार्जशीट में 36 व्यक्तियों और फर्मों पर 2019-2024 के बीच 234 करोड़ रुपये की साजिश रचने का आरोप लगाया गया है।
सियासी बवाल शुरू
इस मामले में आंध्र प्रदेश की राजनीति में बड़ा बवाल खड़ा कर दिया था। सीएम और डिप्टी सीएम ने पूर्व की सरकार और YSRCP पार्टी पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। अब YSRCP सीएम और डिप्टी सीएम पर कई आरोप लगाए हैं। YSRCP से राज्यसभा सांसद और पूर्व में टीटीडी चेयरमैन रह चुके वाई.वी. सुब्बा रेड्डी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीबीआई की एसआईटी टीम ने फाइनल चार्ज शीट दायर कर दी है। अब यह साबित हो गया है कि तिरुमाला लड्डू प्रसाद बनाने में इस्तेमाल किए गए घी में कोई पशु की चर्बी या इससे बनी अन्य किसी चीज का इस्तेमाल नहीं पाई गई।
YSRCP के महासचिव गडिकोटा श्रीकांत रेड्डी ने सीएम नायडू पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि हम देख सकते हैं कि चंद्रबाबू नायडू गंदी और हेरफेर वाली राजनीति के ब्रांड एंबेसडर हैं। उन्होंने बिना किसी पुष्ट जानकारी के कहा कि तिरुपति लड्डू बनाने में पशु की चर्बी का इस्तेमाल किया गया था। अब जांच में सब साफ हो गया है। यह साफ हो गया है कि चंद्रबाबू नायडू इस मामले से सिर्फ राजनीतिक फायदा उठाना चाहते थे। उन्हें वेंकटेश्वर स्वामी के भक्तों से माफी मांगनी चाहिए।
यह भी पढ़ें: लाल बालों वाले DSP की खूब हुई ट्रोलिंग, अब सरकार ने कहा- रंग बदलवा लो
बीजेपी ने YSRCP को घेरा
वहीं, सत्ताधारी दलों ने YSRCP पार्टी पर सवाल खड़े किए। बीजेपी प्रवक्ता यामिनी शर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से बनाई गई एसआईटी ने फाइनल चार्जशीट जमा कर दी है, जिसमें 36 लोगों को आरोपी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि लड्डू बनाने के लिए शुद्ध घी की जगह सिंथेटिक घी स्पालाई किया गया था। उन्होंने YSRCP और उसके नेताओं के इसमें शामिल होने का दावा किया।
वहीं, टीडीपी के प्रवक्ता ने भी YSRCP को घेरा। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि 2019 से 2024 तक इस्तेमाल किया गया घी मिलावटी था। उन्होंने आगे कहा कि रिपोर्ट में बताया गया है कि घी को बनाने में दूध के एक बूंद का भी इस्तेमाल नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि YSRCP ने हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है और तिरुमाला को एक बिजनेस वेंचर बनाने की कोशिश की है।
