उत्तर प्रदेश के महोबा में बीजेपी विधायक बृजभूषण राजपूत ने अपने ही मंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। यहां शुक्रवार को यूपी के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह एक कार्यक्रम में पहुंचे थे। मगर उससे पहले ही चरखारी से बीजेपी विधायक बृजभूषण राजपूत ने 50-60 ग्राम प्रधानों और ग्रामीणों के साथ मंत्री को रोक लिया। उन्होंने गांवों में पानी की टंकी के कारण टूटी सड़कों और अधूरे काम का मुद्दा उठाया। सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हैं। इसमें जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और बृजभूषण राजपूत व उनके समर्थकों के बीच हंगामा मचा है।
विधायक का आरोप है कि पानी की टंकियों से रिसाव हो रहा है। कई गांवों में पाइपलाइन टूटी है। सड़कों को खोद दिया गया है। इससे लोगों को भारी समस्या हो रही है। वायरल वीडियो में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहते हैं जिस गांव में पानी नहीं मिल रहा है, उस गांव का नाम बताओ। मैं कार्यक्रम छोड़कर चलता हूं। आगे कहते हैं कि मैं चार-पांच गांव चलता हूं। जवाब में विधायक बृजभूषण राजपूत कहते हैं कि चार-पांच नहीं, 40-50 गांव हैं।
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आगे मंत्री स्वतंत्र देव सिंह कहते हैं कि मैं 40 गांव चलता हूं। पानी देना मेरा काम है। अधिकारी मेरे साथ हैं, पानी नहीं मिलेगा तो अभी सस्पेंड करूंगा। सड़कें खुदी रहेंगी तब भी मैं सस्पेंड करूंगा। यह कागज नहीं, गांव में चलकर देखता हूं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारी बहस के बाद मंत्री स्वतंत्र देव सिंह विधायक बृजभूषण राजपूत को लेकर डीएम ऑफिस पहुंचे। यहां 20 दिनों में समस्याओं को दूर करने का आश्वासन दिया है।
किसी को भी रोकना पड़ेगा तो रोकूंगा: बीजेपी विधायक
मंत्री के साथ हंगामे के बाद बीजेपी विधायक बृजभूषण राजपूत ने कहा कि हर घर जल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजना है। अगर मोदी की योजना को धरातल पर पहुंचाने और कार्य को पूर्ण कराने के लिए किसी को भी रोकने की जरूरत पड़ेगी तो मैं रोकूंगा। मुझे जनता ने चुना है। पार्टी ने टिकट दिया है। अगर जनता की सेवा करने के लिए किसी को रोकना पड़े या धरना देना पड़े तो यह मेरा कर्तव्य है। मैं अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटूंगा।
मंत्री से मिला 20 दिन का आश्वासन
विधायक बृजभूषण राजपूत ने आगे कहा कि नमामि गंगे के कार्य करीब छह साल से चल रहे हैं। अभी तक कार्य पूर्ण नहीं हुए हैं। हम लगातार पत्राचार कर रहे हैं। गांवों में सड़कें खुदी पड़ी हैं। पाइप लाइनों में लीकेज हैं। जलभराव और टंकियों से पानी का रिसाव हो रहा है। इन तमाम समस्याओं से आज हमने मंत्री जी को अवगत कराया है। उन्होंने 20 दिन के अंदर समस्या दूर करने का आश्वासन दिया है।
'हम छोड़ेंगे नहीं'
बृजभूषण राजपूत ने दावा किया कि मंत्री जी ने गांव जाने और निरीक्षण करने की बात कही। यह भी कहा कि कमी मिलने पर अधिकारियों को तुरंत सस्पेंड करेंगे। मगर वह नहीं गए। अब उन्होंने 20 दिन का समय लिया है। वे काम करते हैं या नहीं, यह उनकी कार्यशैली पर निर्भर करेगा। अगर वो करेंगे तो अच्छी बात है, लेकिन नहीं करेंगे तो हम छोड़ेंगे नहीं, क्योंकि यह मोदी जी की योजना है।
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विधायक बृजभूषण राजपूत ने आरोप लगाया कि 50-60 गांवों के प्रधान आए हैं। इसका मतलब है कि काम अच्छा नहीं हुआ है। हम कार्यक्रम छोड़ देंगे। कार्यक्रम हमारे लिए महत्वपूर्ण नहीं है। हमारे लिए जनता की सेवा अहम है। सरकार की योजना सही से चल रही है या नहीं... यही तो मंत्री जी का कर्तव्य है।
'मैं बातों से संतुष्ट होने वाला विधायक नहीं हूं'
जब उनसे कहा गया कि पार्टी इसे अनुशासनहीनता मानेगी तो उन्होंने कहा कि अगर मेरा बर्ताव अच्छा नहीं लगा तो नमस्ते। जनता ने मुझे चुना है। मैं जनता के लिए लड़ूंगा। जनता के लिए लड़ना अनुशासनहीनता नहीं होती है। जब उनसे पूछा गया कि मंत्री के साथ बैठक के बाद आप कितना संतुष्ट हैं तो उन्होंने कहा कि काम होने के बाद ही संतुष्टि मिलेगी। मैं बातों से संतुष्ट होने वाला विधायक नहीं हूं।