उत्तर प्रदेश के झांसी में रहने वाले राम सिंह ने जनवरी महीने की शुरुआत में कथित तौर पर एक ऐसे क्राइम को अंजाम दिया है, जिसे देख लोगों के होश उड़ गए। पुलिस के मुताबिक, रेलवे के रिटायर्ड कर्मचारी राम सिंह परिहार ने दो शादियां कर रखी थी और अपनी 35 साल की लिव-इन-पार्टनर प्रीति संग रहता था। अब राम सिंह ने अपनी लिव इन पार्टनगर की हत्या कर दी है। हत्या के बाद शव को जलाकर हत्या के सबूत मिटाने की कोशिश की। शव जलाने के बाद भी शव के कुछ अवशेष बच गए थे। राम सिंह ने हड्डियों को एक बक्से में बंद करके अपनी दूसरी पत्नी के घर ले जाने की योजना भी बनाई थी लेकिन यह प्लान पूरा नहीं हुआ।

 

पुलिस को शुरुआती जांच के बाद पता चला कि राम सिंह की दो पत्नियां हैं। पहली पन्नी झांसी के सिपरी बाजार इलाके में रहती है और दूसरी शहर के सिटी कोतवाली इलाके में रहती है। साथ ही, 35 साल की एक लिव-इन-पाटर्नर प्रीति है जो कई दिनों से राम से भारी रकम मांग रही थी। आरोप है कि वह पहले भी राम सिंह से काफी पैसे ले चुकी थी। इसी के चलते राम ने उसकी हत्या कर दी।

 

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कैसे हुआ मर्डर का खुलासा? 

पुलिस के मुताबिक, आरोपी राम सिंह परिहार ने प्रीति की हत्या के बाद शव को जला दिया और राख नदी में फेंक दी। शव के अवशेष को ठिकाने के लिए उसे एक बक्से में भरकर दूसरी पत्नी गीता के घर भेजने की योजना बनाई थी।

  

शनिवार रात को आरोपी परिहार ने अपनी दूसरी पत्नी गीता के घर बक्सा भिजवाने के लिए ड्राइवर जयसिंह पाल को बुलाया गया।  ड्राइवर जय सिंह ने बक्से को कार में लोड किया उसी वक्त ड्राइवर को शक हुआ। बक्से को गीता के घर ले जाने के लिए गीता के बेटे और उसके कुछ दोस्त साथ आए। जिनके व्यवहार ड्राइवर को शंकाजनक लगा इसी वजह से ड्राइवर ने पहले बक्सा लोड करने से इनकार कप दिया। फिर बेटे नितिन के बहुत दवाब देने पर बक्सा लोड किया और गीता के घर बक्सा पहुंचा दिया। 

 

उसके बाद ड्राइवर जय सिंह ने पुलिस कंट्रोल रूम में फोन और संदिग्ध बक्से के बारे में पुलिस को जानकारी दी। ड्राइवर ने पुलिस से कहा, 'कुछ सामान ले जाने के लिए 400 रुपये में काम पर रखा गया था। मुझे बक्से में कुछ गड़बड़ होने का शक है इसलिए मैंने पहले तो इनकार कर दिया लेकिन बाद में उसे ले आया। घर पहुंचने पर मेरा शक और भी बढ़ गया इसलिए आपको बता रहा हूं।' इसी शक की वजह से हत्या का राज खुला।

 

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पुलिस की जांच में क्या सामने आया?

ड्राइवर के शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जब पुलिस गीता के घर पहुंची तो सबसे पहले कार की डग्गी खुलवाई, जहां पुलिस ने देखा कि बक्से में जले हुए शव की हड्डियां रखी हुई हैं, जिसे देख पुलिस हैरान रह गई। पुलिस ने हड्डियों की जांच के लिए फोरेंसिक टीम के पास भेजा है। फोरेंसिक जांच में यह साफ हो गया कि यह हड्डियां मानव शरीर यानी प्रीति की हैं। पुलिस की पूछताछ में आरोपी की दूसरी पत्नी ने कहा कि राम सिंह ने उसे बताया था कि प्रीति उसे कई दिनों से पैसों के लिए परेशान कर रही थी।

 

पुलिस ने सबूतों के आधार पर राम सिंह के बेटे नितिन और उसके दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल मुख्य आरोपी राम पाल सिंह फरार है, जिसकी खोज जारी है।

 

पड़ोसियों ने जताया शक

पुलिस ने जांच के दौरान जब राम सिंह के पड़ोसियों से बात-चीत की। पड़ोसियों ने बताया कि परिहार कई दिनों से लकड़ियां इकट्ठा कर रहा था। कुछ दिन से उसके घर पर बदबू आ रही थी लेकिन लोगों का लगा कि बहुत ठंड है इसलिए वह घर में लकड़ियां जलाकर हाथ सेंक रहा होगा