उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले के महेवाघाट थाना क्षेत्र में एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां एक पति को अपनी ही पत्नी की हत्या के झूठे आरोप में जेल जाना पड़ा। राजू तिवारी नाम के इस व्यक्ति की पत्नी घर से लापता हो गई थी, जिसे पुलिस ने अब हरियाणा के मानेसर से जिंदा ढूंढ निकाला है। वह महिला अपने प्रेमी के साथ वहां छिपकर रह रही थी, जिसके बाद अब बेगुनाह पति की जेल से रिहाई हो पाई है।

 

कौशाम्बी के अलवारा गांव के रहने वाले राजू तिवारी की पत्नी जब अचानक गायब हुई, तो उसके ससुर शारदा मिश्रा ने दामाद पर ही हत्या का शक जताया। ससुर ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई कि राजू ने अपनी पत्नी को मारकर उसकी लाश कहीं छुपा दी है। पुलिस के दबाव और खुद को बेगुनाह साबित करने का कोई रास्ता न देख, राजू ने थाने में सरेंडर कर दिया। पुलिस के उसे हत्या का आरोपी मानते हुए जेल भेज दिया था।

 

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दो बच्चों की मां और मौसेरे भाई का अफेयर

पुलिस जब केस की जांच कर रही थी तो पता चला कि राजू की पत्नी का अपने मौसरे भाई संकल्प उर्फ रामू मिश्रा के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। राजू ने पहले भी पुलिस को बताया था कि उसकी पत्नी अक्सर फोन पर किसी से बात करती रहती है और उसे पसंद नहीं करती। जांच में सामने आया कि महिला पहले भी एक बार घर छोड़ चुकी थी। इस बार वह अपने प्रेमी के साथ पूरी प्लानिंग से फरार हुई थी।

मानेसर में पुलिस ने किया खुलासा

पुलिस की एक टीम ने जब मोबाइल लोकेशन और अन्य सुरागों का पीछा किया तो उन्हें प्रेमी रामू मिश्रा का पता चला। 22 मार्च को पुलिस हरियाणा के मानेसर पहुंची और वहां एक इंडस्ट्रियल एरिया के कमरे में छापेमारी की। वहां राजू की पत्नी अपने प्रेमी के साथ रहती हुई पाई गई। पुलिस उसे तुरंत हिरासत में लेकर वापस कौशाम्बी आई और कोर्ट में पेश किया।

 

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जैसे ही पत्नी के जिंदा होने की बात साबित हुई, पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर राजू तिवारी को जेल से रिहा करवा दिया। कौशाम्बी के एसपी राजेश कुमार के मुताबिक, अब उन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है ताकि पुलिस ने पत्नी के प्रेमी और गलत जानकारी देने वाले ससुर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है ताकि एक बेगुनाह को फंसाने वालों को सजा मिल सके।