उत्तर प्रदेश पुलिस को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है, जहां पुलिस अधिकारी पर जेल में बंद एक युवक की पिटाई के आरोप लग रहे हैं। लखनऊ में जेल में बंद युवक अनुज यादव की मौत के मामले ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। परिजनों ने पुलिस पर हिरासत में पिटाई के कारण मौत होने का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस का कहना है कि युवक की तबीयत जेल में अचानक बिगड़ी थी। मामले में बिजनौर थाना क्षेत्र की माती चौकी के इंचार्ज अभिराम शुक्ला का नाम सामने आ रहा है। अभी पुलिस इस मामले में जांच कर रही है।
लखनऊ की डिस्ट्रिक्ट जेल में प्रॉपर्टी डीलर अनुज कुमार की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, अनुज की मौत शनिवार दोपहर इलाज के दौरान हुई। जेलर ऋत्विक प्रियदर्शी के अनुसार, बिजनौर के बलसिंहखेड़ा निवासी अनुज को शनिवार को गिरफ्तार किया गया था। उसके खिलाफ कोर्ट ने गैर-जमानती वारंट जारी किया था।
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क्या है पूरा मामला?
अनुज यादव को SC-ST एक्ट से जुड़े एक मामले में जारी गैर-जमानती वारंट के तहत गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उसे जेल भेजा गया। जेलर के अनुसार, रविवार दोपहर को अनुज की अचानक से तबीयत बिगड़ी और उसने जी मिचलाने और उल्टी की शिकायत की। जेल अस्पताल में भर्ती होने पर उसे खून की उल्टी हुई। अनुज ने डॉक्टर को बताया कि उसके लीवर में स्टंट था और वह 10 सालों से वह शराब का आदी था।
परिजनों ने लगाए आरोप
मृतक की पत्नी महक और परिवार वालों का आरोप है कि पुलिस हिरासत में अनुज की बेरहमी से पिटाई की गई थी। परिवार ने सीधे तौर पर माती चौकी प्रभारी अभिराम शुक्ला पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि अनुज गिरफ्तारी के समय पूरी तरह ठीक था लेकिन जेल भेजने से पहले पुलिस ने उसके साथ मारपीट की। परिवार ने इसे मर्डर बताया है और आरोपी पुलिस वाले के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में अनुज की पत्नी रोते हुए कह रही है, 'अभिराम शुक्ला ने गिरफ्तार किया है और मेरे पति को मारा है। दरोगा ने हत्या की है।'
अंतिम संस्कार से इनकार
कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक परिवार ने कार्रवाई की मांग करते हुए अंतिम संस्कार करने से भी इनकार कर दिया था। इलाके में इस मामले को लेकर तनाव का माहौल बना रहा। परिवार की महिलाएं लगातार प्रदर्शन कर रही है। पुलिस इस मामले को शांत करवाने की कोशिश कर रही है।
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पुलिस ने किया आरोपों से इनकार
अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार पुलिस हिरासत में मारपीट के आरोपों से इनकार कर रही है। पुलिस का कहना है कि युवक की तबीयत जेल में बिगड़ी थी और उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया था। मामला सोशल मीडिया और लोकल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। कई वीडियो और पोस्ट में परिजन पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आधिकारिक जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
