बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई की है। इस बार शिक्षा विभाग के एक बड़े अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया है। वेतन सत्यापन कोषांग में तैनात अवर सचिव अमोद मिश्रा को 20 हजार रुपये की घूस लेते हुए गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि उन्होंने एरियर का भुगतान कराने के बदले यह रिश्वत मांगी थी। विजिलेंस की टीम ने उन्हें पटना के गर्दनीबाग इलाके से दबोचा। फिलहाल उनसे निगरानी ब्यूरो के मुख्यालय में पूछताछ की जा रही है।
यह मामला नालंदा जिले का है। बिहारशरीफ थाना इलाके के नई सराय के रहने वाले उमा शंकर ने निगरानी ब्यूरो में लिखित शिकायत की थी। उनका कहना था कि शिक्षा विभाग के अवर सचिव अमोद मिश्रा एरियर का भुगतान कराने के बदले 20 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं। शिकायत मिलते ही निगरानी ब्यूरो ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। सबसे पहले पूरे मामले की गुप्त तरीके से जांच कराई गई। जांच में शिकायत सही निकली। इसके बाद 1 जुलाई को निगरानी थाने में FIR दर्ज की गई और DSP श्याम बाबू प्रसाद की अगुवाई में एक विशेष छापेमारी टीम बनाई गई।
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मिनिस्टर इन्क्लेव मोड़ से हुई गिरफ्तारी
विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया। गुरुवार को पटना के गर्दनीबाग थाना क्षेत्र स्थित मिनिस्टर इन्क्लेव मोड़ के पास जैसे ही अवर सचिव अमोद मिश्रा ने उमा शंकर से 20 हजार रुपये घूस लिए टीम ने दबोच लिया। रंगे हाथ पकड़े जाने के बाद अधिकारी के होश उड़ गए। नोटों पर पहले से केमिकल लगा था। हाथ धुलवाने पर रंग छूट गया। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई गई है। मौके से घूस के 20 हजार रुपये बरामद हुए।
गिरफ्तारी के बाद अमोद मिश्रा को निगरानी मुख्यालय लाया गया। यहां DSP श्याम बाबू प्रसाद की टीम पूछताछ कर रही है। यह पता किया जा रहा है कि इससे पहले कितने लोगों से एरियर के नाम पर वसूली की गई। ब्यूरो के अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ पूरी होने के बाद आरोपी को पटना स्थित विशेष निगरानी कोर्ट में पेश किया जाएगा। शिक्षा विभाग को भी मामले की सूचना भेज दी गई है। विभागीय कार्रवाई भी तय है।
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2026 में 74 ट्रैप, 28 लाख बरामद
भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी ब्यूरो की कार्रवाई लगातार जारी है। 2026 में अब तक यह 79वीं FIR दर्ज हुई है। इसमें से 74 मामले ट्रैप के हैं। अब तक 74 भ्रष्ट अधिकारियों-कर्मचारियों को रंगे हाथ पकड़ा जा चुका है। इस साल कुल 28 लाख 5 हजार 300 रुपये घूस की रकम बरामद हुई है। 2025 में निगरानी ने 101 ट्रैप केस किए थे और 37 लाख 80 हजार 300 रुपये बरामद किए थे।


