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ढाई महीने से नेपाल में बंधक रही मोतिहारी की छात्रा, कई दिनों तक भूखे रखा

बिहार के मोतिहारी जिले की एक छात्रा नेपाल में बंधक मिली। उसे एक कमरे में रखा गया था, जिसके बाहर ताला लगा था। छात्रा ने बताया कि उसे कई दिनों तक भूखा रखा गया।

Bihar News

प्रतीकात्मक फोटो। (AI-generated image)

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भारत-नेपाल सीमा पर मानव तस्करी के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। मोतिहारी की 15 वर्षीय नाबालिग छात्रा को नेपाल के पर्सा जिले से सकुशल बरामद कर लिया है। छात्रा को करीब ढाई महीने पहले स्कूल जाने के दौरान अगवा कर नेपाल ले जाया गया था, जहां उसे वीरगंज के रामगढ़वा रानीघाट इलाके के एक सुनसान मकान में बंधक बनाकर रखा गया था। 

'दो अप्रैल को स्कूल से हुई थी अगवा'  

केसरिया थाना क्षेत्र की रहने वाली कक्षा नौवीं की छात्रा दो अप्रैल को रोज की तरह स्कूल के लिए निकली थी। रास्ते में आरोपी चंदन कुमार ने उसे कथित तौर पर प्रेम जाल में फंसाया। फुसलाकर वह छात्रा को अपने साथ नेपाल ले गया। परिजनों ने जब बेटी को स्कूल से वापस नहीं आते देखा तो खोजबीन शुरू की। थक हारकर केसरिया थाने में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई गई, लेकिन ढाई महीने तक छात्रा का कोई सुराग नहीं मिला।

 

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'कई ठिकाने बदले, फिर कमरे में किया कैद'  

नेपाल पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी चंदन कुमार पुलिस से बचने के लिए छात्रा को लगातार एक जगह से दूसरी जगह ले जाता रहा। कभी होटल, कभी किराए का कमरा। आखिर में वह वीरगंज के रामगढ़वा रानीघाट इलाके में एक सुनसान मकान के कमरे में छात्रा को बंद कर फरार हो गया। कमरे में बाहर से ताला लगा था। 

'भूखा रखा जाता था, नशा देकर चुप कराते थे'  

पीड़िता के परिजनों ने बताया कि बंधक बनाए जाने के दौरान छात्रा को अमानवीय यातनाएं दी गईं। उसे कई-कई दिनों तक भूखा रखा जाता था। रोने-चिल्लाने पर नशीला पदार्थ देकर बेहोश कर दिया जाता था। आवाज उठाने से रोकने के लिए डराया-धमकाया जाता था। छात्रा का कहना है कि उसे बाहर की दुनिया से पूरी तरह काट दिया गया था।

'एक फोन ने बदल दी किस्मत'  

इसी बीच किसी तरह छात्रा के हाथ एक मोबाइल फोन लग गया। मौका मिलते ही उसने अपने पिता को फोन कर आपबीती सुनाई। बेटी की आवाज सुनते ही परिजनों के होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत रक्सौल की सामाजिक संस्था 'स्वच्छ रक्सौल' के अध्यक्ष रंजीत सिंह से संपर्क किया। रंजीत ने बिना देर किए बिहार पुलिस और नेपाल पुलिस से बात की। 

'संयुक्त छापेमारी में मिली कामयाबी'  

बिहार पुलिस, नेपाल पुलिस और 'स्वच्छ रक्सौल' की संयुक्त टीम ने रानीघाट इलाके में घेराबंदी कर छापेमारी की। पुलिस को देखते ही मकान में मौजूद लोग भागने लगे। कमरे का ताला तोड़कर जब पुलिस अंदर पहुंची तो छात्रा बदहवास हालत में मिली। उसे तुरंत मेडिकल जांच के लिए भेजा गया। हालांकि छापेमारी की भनक लगते ही मुख्य आरोपी चंदन कुमार मौके से फरार हो गया। नेपाल पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।

 

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पीड़िता ने क्या कहा?

वह मुझे स्कूल के रास्ते से बहला कर ले गया था। कहता था कि शादी करेगा। नेपाल ले जाकर कमरे में बंद कर दिया। मारता था, खाना नहीं देता था। नशे की दवा दे देता था। बहुत डर लगता था। फोन मिला तो पापा को बता दिया। पुलिस अंकल ने बचा लिया। छात्रा को काउंसलिंग और संरक्षण के लिए नेपाल की संस्था 'आफन्त नेपाल' को सौंपा गया है। संस्था की टीम छात्रा की मानसिक स्थिति को सामान्य करने में जुटी है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे परिजनों को सौंपा जाएगा। 

'सीमा पर बढ़ रही तस्करी की घटनाएं'  

भारत-नेपाल खुली सीमा का फायदा उठाकर मानव तस्कर लगातार सक्रिय हैं। पुलिस मान रही है कि चंदन कुमार किसी बड़े गिरोह का हिस्सा हो सकता है। नेपाल पुलिस वीरगंज और आसपास के इलाकों में छापेमारी कर रही है। बिहार पुलिस भी केसरिया और रक्सौल में उसके नेटवर्क को खंगाल रही है।


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