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UP में किसका खेल बिगाड़ेगी JDU? इन 25 सीटों पर ठोका दावा

अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक पार्टियां कमर कस रही हैं। JDU भी मैदान में उतर गई है। JDU 25 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है।

JDU stakes claim on 25 seats for UP election 2027

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार, Photo Credit: ANI

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नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने उत्तर प्रदेश में चुनावी बिगुल फूंक दिया है। JDU ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में 25 सीटों पर दावेदारी ठोकी है। पार्टी उत्तर प्रदेश प्रभारी और बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने साफ किया कि JDU NDA  के घटक के रूप में ही मैदान में उतरना चाहता है। नॉर्थ ईस्ट में अकेले लड़ने का खामियाजा भुगत चुका JDU अब BJP से तालमेल चाहता है।

 

पटना में मंत्री श्रवण कुमार ने कहा पार्टी उत्तर प्रदेश में प्रत्याशी उतारने को लेकर गंभीर है। उन्होंने कहा कि हम राष्ट्रीय स्तर पर NDA का हिस्सा हैं। पहले कई राज्यों में JDU अकेले लड़ा लेकिन अब NDA में पहले से बेहतर समन्वय है। उन्होंने कहा कि बिहार में NDA ने लंबे समय तक नीतीश कुमार का नेतृत्व देखा है। अब राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नीतीश पार्टी को बड़े फलक पर ले जाना चाहते हैं। इसके लिए भाजपा से सकारात्मक संकेत का इंतजार है।

 

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पंजाब के बाद उत्तर प्रदेश पर नजर

JDU ने नॉर्थ ईस्ट में अकेले चुनाव लड़कर नुकसान उठाया था। अब पार्टी रणनीति बदल रही है। पंजाब के बाद उत्तर प्रदेश पर फोकस किया गया है। श्रवण कुमार ने माना कि उत्तर प्रदेश में अकेले लड़ना आसान नहीं होगा। इसलिए पार्टी चाहती है कि BJP के साथ सीट शेयरिंग हो। 25 सीटों की लिस्ट तैयार है। बिहार से सटे पूर्वांचल की सीटों पर JDU की खास नजर है।

एक्सपर्ट का क्या कहना है?

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि JDU की उत्तर प्रदेश में एंट्री से सबसे ज्यादा नुकसान BSP को हो सकता है। चाणक्य इंस्टीट्यूट ऑफ पॉलिटिकल राइट्स एंड रिसर्च के अध्यक्ष सुनील कुमार सिन्हा कहते हैं, बिहार में JDU की पिछड़ा, अति पिछड़ा और अल्पसंख्यक वोटरों पर पकड़ है। उत्तर प्रदेश में इनका बड़ा हिस्सा मायावती के पास है। सिन्हा के मुताबिक समाजवादी पार्टी के कुछ वोटरों पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि JDU को प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर, मेरठ, अलीगढ़ जैसे बड़े शहरों में मेहनत करनी होगी। अभी उसकी पहचान सिर्फ बिहार से सटे इलाकों तक है।

 

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जानकारों का कहना है कि अगर JDU को उत्तर प्रदेश में असर दिखाना है तो अभी से जमीन पर उतरना होगा। सिर्फ NDA के भरोसे सीट नहीं निकलेगी। संगठन मजबूत करना होगा। पूर्वांचल में नीतीश कुमार का नाम चलता है लेकिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश में JDU को पहचान बनानी पड़ेगी। बड़े पैमाने पर प्रचार और कार्यकर्ता सम्मेलन करने होंगे। तभी 25 सीटों पर लड़ने का दावा मजबूत होगा।

JDU को BJP के रुख का इंतजार

फिलहाल गेंद BJP के पाले में है। JDU ने 25 सीटों पर दावेदारी कर दी है लेकिन सीट शेयरिंग पर अंतिम फैसला BJP को करना है। 2017 और 2022 के उत्तर प्रदेश चुनाव में JDU ने कुछ सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, पर सफलता नहीं मिली। इस बार पार्टी NDA  में रहकर लड़ना चाहती है ताकि वोट बंटे नहीं ।


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