मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के करण कुशवाहा उर्फ अजय पार बाबा रातों-रात सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। जो कभी छतरपुर में रिक्शा चलाते थे, आज वहीं बाबा बनकर कई लोगों की समस्याएं दूर करने का दावा करते हैं। करण कुशवाहा दावा करते हैं कि वह अपने दिव्य चमत्कारों के बदौलत कैंसर के मरीज और लकवा के मरीजों को ठीक कर सकते हैं। बाबा करण कुशवाहा की तुलना लोग बागेश्वर बाबा से कर रहे हैं। उनके इन दावों की वजह से सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है।
करण कुशवाहा छतरपुर के केड़ी गांव में रहते हैं और गांव में मौजूद चंदेल पहाड़ियों पर अपनी सभा लगाते हैं। इस सभा में कई लोग पर्ची के जरिए अर्जी लगाते हैं, जिसके बाद करण कुशवाहा उन लोगों का वर्तमान और भविष्य बताते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कौन हैं करण कुशवाहा? सवाल यह भी उठता है कि करण कुशवाहा सोशल मीडिया पर इतनी जल्दी वायरल कैसे हो गए।
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कौन हैं करण कुशवाहा उर्फ अजय पार बाबा ?
करण कुशवाहा छतरपुर जिले के केड़ी गांव के रहने वाले हैं, जिनकी उम्र सिर्फ 15 साल है। उनके घर की आर्थिक स्थिति कमजोर थी, इस वजह से वह ई-रिक्शा चलाते थे। इसके बाद नारियल बेचने लगे। कुछ इंटरव्यू में करण कुशवाहा ने बताया है कि वह 9वीं क्लास पास कर चुके हैं और आगे 10वीं की पढ़ाई भी करेंगे।
अजय पार बाबा की प्रसिद्धि का कारण
पिछले कुछ दिनों से (करण कुशवाहा) अजय पार बाबा मीडिया को इंटरव्यू दे रहे हैं। हाल ही में उन्होंने एक वीडियो में बताया है कि वह किसी कैंसर के मरीज और लकवा के मरीज को सिर्फ 8 दिनों में ठीक कर सकते हैं। इसके अलावा अजय पार बाबा ने बताया है कि वह यह चमत्कार अपनी कठिन साधना की वजह से कर पा रहे हैं।
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इसके बाद एक इंटरव्यू में अपने दावों से पलटते नजर आए, जहां उन्होंने कहा कि जिन्हें ज्यादा कैंसर है, वे लोग उनसे झाड़ा भी लगवाएं और अच्छे डॉक्टरों से भी इलाज कराएं। इनके वायरल वीडियो की वजह से उनकी प्रसिद्धि बढ़ने लगी है, जिसमें कई लोग उनके दावों पर यकीन कर अपनी समस्याओं की अर्जी लगाने के लिए पहुंच रहे हैं। बाबा की सभा में लोगों की भीड़ के कारण धक्का-मुक्की भी बढ़ने लगी है। गांव में भीड़ और दावों की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है।
