दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज ओटीटी प्लेटफॉर्म जी 5 पर रिजील हुई थी लेकिन इसके 48 घंटे बाद ही इस फिल्म को हटा दिया गया था। यह फिल्म सेंसर बोर्ड में 4 साल से अटकी हुई थी और नाम बदलने के बाद इसे 3 जुलाई को स्ट्रीम किया गया था। इस फिल्म का नाम पहले 'पंजाब 95' था। भारत में अब यह फिल्म हटा दी गई है और पंजाब में इसको लेकर काफी बवाल मचा हुआ है। यह फिल्म जसवंत सिंह खालड़ा और उनके संघर्ष पर है, जिन्होंने पंजाब के इतिहास के एक काले सच को दुनिया के सामने रखा था।
जसवंत सिंह खालड़ा उस समय पंजाब के लोगों की लड़ाई लड़ने सामने आए जब 1990 के दशक में आतंक चरम पर था। उस समय डीजीपी केपीएस गिल ने पंजाब पुलिस की कमान संभाली थी और उस समय खालिस्तानी आंदोलन जोर पकड़ रहे थे। 1990 का दशक पंजाब का सबसे खूनी दशक रहा। इसमें राजनीतिक हत्याओं से लेकर आम लोगों तक की हत्याएं की गई। ऐसे समय में केपीएस गिल ने पंजाब में आतंकवाद पर कंट्रोल कर लिया था। उसी समय मानवाधिकार संगठन से जुड़े जसवंत सिंह खालड़ा के एक खुलासे ने पूरे पंजाब को हिला कर रख दिया था।
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कौन थे जसवंत सिंह खालरा?
जसवंत सिंह खालड़ा पंजाब के रहने वाले थे और उनका जन्म 1952 में हुआ था। वह अमृतसर सेंट्रेल को-ऑपरेटिव बैंक के डायरेक्टर थे। इसके साथ ही वह ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट भी थे। एक बार उनके दोस्त प्यारा सिंह लापता हुए, तो उनकी तलाश में वह शमशान घाट तक पहुंच गए। वहां उन्हें पता चला कि वहां बड़ी संख्या में लाशों को लावारिस बताकर अंतिम संस्कार किया जा रहा है। इसी की जांच करते हुए और तह में गए तो फेक एनकाउंटर की बात सामने आई। इसके बाद उन्होंने जून 1984 से दिसंबर 1994 के बीच अमृतसर, मजीठा और तरनतारन के तीन श्मशान घाटों में मिले अज्ञात शवों का ब्योरा सार्वजनिक किया था।
200 मौतों का किया खुलासा
जसवंत सिंह खालड़ा ने दावा किया था कि पंजाब में सिखों को फर्जी तरीके से मारा गया और गायब किया गया। उन्होंने सबसे पहले कई श्मशान घाट जाकर वहां पड़ताल की और लोगों से बातचीत की। उन्हें पता चला कि करीब 25 हजार सिख लापता हैं। वे साल 1984 से 1994 के दौरान लापता हुए थे। जसंवत सिंह खालरा ने दावा किया कि पुलिस ने उनमें से करीब 2000 सिखों का या तो लावारिस बताकर अंतिम संस्कार कर दिया या नदी में उनकी लाशें बहा दीं।
प्रेस नोट ने मचा दी थी खलबली
रिपोर्ट्स के मुताबिक जसवंत सिंह खालड़ा ने 1995 में एक प्रेस नोट तैयार किया था, जिसमें उन्होंने बताया था कि पुलिस शवों को श्मशान घाटों पर ले जाती है, और वहां उन्हें लावारिस बता कर अंतिम संस्कार करवा दिया जाता है। इस प्रेस नोट में उन्होंने बताया था कि कैसे खालड़ा, कैरों, वल्टोहा और हरिका जैसे गांवों से ढेरों लावारिस लाशें लाई गईं। साथ ही दावा किया था कि 1 जून 1984 से 1994 के आखिर तक अमृतसर में करीब 2000 लाशों को लावारिस बताकर अंतिम संस्कार किया गया।
प्रेस नोट के बाद गायब
इस प्रेस नोट ने पूरे पंजाब में खलबली मचा दी थी। इसके कुछ ही महीनों बाद जसवंत सिंह खालड़ा गायब हो गए थे। जसवंत सिंह खालड़ा को पंजाब पुलिस ही उठा कर ले गई थी। उस घटना के चश्मदीद राजीव के अनुसार, 6 सितंबर 1995 को वह जसवंत सिंह खालड़ा के घर बैठे थे। जसवंत अपनी कार धो रहे थे और एक पत्रकार का इंतजार कर रहे थे और इसके बाद वह एक शमशान घाट जाने वाले थे। उनके अनुसार, उसी समय पंजाब पुलिस को दो डीएसपी, तीन इंस्पेक्टर अपने साथ तीन-चार लोगों को लेकर पहुंचे और जसवंत सिंह को उठाकर ले गए।
राजीव के अनुसार, इस घटना के करीब डेढ़ महीने बाद पुलिस ने जसवंत सिंह की गोली मारकर हत्या तकर दी और लाश हरिके नहर में फेंक दी थी। उनका भी कथित तौर पर एनकाउंटर कर दिया गया था।
CBI जांच में हुआ खुलासा
जसवंत सिंह खालड़ा के गायब होने का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश दिए। जांच में सीबीआई ने माना कि पंजाब पुलिस ने कई लोगों को फेक एनकाउंटर में मारा था। सीबीआई ने जसवंत सिंह खालड़ा के केस के साथ कुल 70 केस दर्ज किए। इनमें दिसंबर 2024 तक 58 केस में पुलिस को कोर्ट ने दोषी माना। जसवंत सिंह खालड़ा के केस में कोर्ट ने पंजाब पुलिस के 6 अधिकारियों को दोषी पाया और सात साल की सजा सुनाई। बाद में हाई कोर्ट ने छह में से चार आरोपियों की सजा को उम्रकैद में बदल दिया था।
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जसवंत सिंह खालड़ा से किसे और क्यों दिक्कत?
जसवंत सिंह खालड़ा की मौत की जिम्मेदार पंजाब पुलिस है। 1990 के दशक में जब पंजाब में आतंकवाद चरम पर था उस समय कई लोगों की हत्याएं की गईं और इनमें पुलिस की भूमिका सामने आई है। उस समय खालिस्तानी लहर पंजाब में जोर पकड़ रही थी। ऐसे में पंजाब पुलिस की भूमिका भी संदिग्ध रही। सूत्रों के अनुसार, इस फिल्म से पंजाब में फिर से माहौल खराब होने की आशंका को देखते हुए इस फिल्म को हटाने का फैसला लिया गया है। इसके साथ ही पूर्व सीएम बेअंत सिंह की हत्या को इस फिल्म में उत्तेजक गानों के साथ दिखाआ गया है।


