संजय सिंह, पटना: बिहार की सियासत और प्रशासनिक प्राथमिकताओं के केंद्र में अब धार्मिक संस्थानों की जमीन और कानून-व्यवस्था दोनों एक साथ आ गए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गया दौरे के दौरान साफ शब्दों में संकेत दिया कि सरकार अब मठों और धार्मिक स्थलों की जमीन पर हुए अवैध कब्जों के खिलाफ व्यापक और निर्णायक कार्रवाई करने जा रही है। इस विशेष अभियान की शुरुआत बोधगया से होगी। बोधगया न सिर्फ आस्था का केंद्र है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय पहचान भी रखता है।
बोधगया स्थित महाबोधि मंदिर में आयोजित 'भारतीय परंपरा में धार्मिक समन्वय' विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि धार्मिक संस्थानों की जमीन को सुरक्षित रखना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने दो टूक कहा कि जहां भी अवैध कब्जे की शिकायत मिलेगी, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
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'कानून से खिलवाड़ नहीं होगा बर्दाश्त'
मुख्यमंत्री का रुख सिर्फ जमीन तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने कानून-व्यवस्था को लेकर भी सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बिहार में अब अपराधियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई हो रही है। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
सम्राट चौधरी:-
विष्णुपद मंदिर और पिंडदान की परंपरा पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है, लेकिन अब अपराधियों का भी पिंडदान शुरू हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने अपने इरादे जताए हैं कि सरकार अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रही है। महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर भी मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए जितने भी कठोर कदम उठाने पड़ेंगे, उठाए जाएंगे।
'कब्जा हटेगा, अपराध रुकेगा'
मुख्यमंत्री के इस दौरे और बयानों से साफ है कि सरकार अब दो मोर्चों अवैध कब्जे और अपराध पर एक साथ सख्ती दिखाने जा रही है। बोधगया से शुरू होने वाला यह अभियान आने वाले दिनों में पूरे राज्य में बड़ा असर डाल सकता है। सरकार का संदेश स्पष्ट है कि धार्मिक आस्था की जमीन सुरक्षित होगी और कानून से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
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'आस्था और विकास का संगम'
गया दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने धार्मिक आस्था और विकास को साथ लेकर चलने का संदेश भी दिया। उन्होंने पहले विष्णुपद मंदिर में पूजा-अर्चना की और फिर फल्गु नदी तट पर प्रस्तावित विष्णुपद कॉरिडोर परियोजना का निरीक्षण किया। अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्होंने विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की। इसके बाद बोधगया पहुंचकर उन्होंने महाबोधि मंदिर में भगवान बुद्ध के दर्शन किए और बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि बिहार की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत ही उसकी सबसे बड़ी पहचान है और सरकार इसके संरक्षण और विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
'समृद्ध बिहार का लक्ष्य'
कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन के अनुरूप बिहार को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आस्था स्थलों के विकास, पर्यटन को बढ़ावा देने और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के जरिए बिहार की छवि बदलने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
