बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार बिहार-पश्चिम बंगाल बॉर्डर पर एक नया केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने की योजना तैयार कर रही है। सोशल मीडिया पर बीते कुछ दिनों की सबसे वायरल खबर यही है। दावा करने वाले लोगों में पूर्व अधिकारियों से लेकर मौजूदा सांसद तक शामिल हैं। विपक्ष, केंद्र  सरकार को इस दावे पर घेर रहा है। 

ट्विटर, फेसबुक से इंस्टाग्राम तक, ऐसे दावों की भरमार है। पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव, शशांक शेखर झा, द इंजन मशीन, सुमित राज जैसे कई सोशल मीडिया हैंडल से यह दावा किया जा रहा है कि सरकार, केंद्र शासित प्रदेश बनाने की तैयारी में है। 

 

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क्या दावा किया जा रहा है?

सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार-पश्चिम बंगाल बॉर्डर पर एक नया यूनियन टेरिटरी बनाने की पुरानी योजना को फिर से शुरू करने की बात कही है। यह भारत का 9वां केंद्र शासित प्रदेश बनेगा। इसमें बिहार के 4 जिले, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज और कटिहार शामिल होंगे। 

पश्चिम बंगाल के 2 जिले मालदा और उत्तर दिनाजपुर को भी रखे जाने का प्रस्ताव है। इस इलाके में 'चिकन नेक' कहे जाने वाले सिलीगुड़ी कॉरिडोर को भी रखा जाएगा। यह पूर्वोत्तर को भारत से जोड़ता है, इसलिए रणनीतिक तौर पर बेहद अहम है।

 

 

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क्या कह रहे हैं लोग?

पप्पू यादव, सांसद, पूर्णिया:-
पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू कर, बिहार विधानसभा से प्रस्ताव पारित करा कर, सीमांचल और मालदा, मुर्शिदाबाद, रायगंज, दिनाजपुर आदि जिलों को मिलाकर एक केंद्र शासित प्रदेश बनाने का खेल बीजेपी करने वाली है। नीतीश को हटाने और लेफ्टिनेंट जनरल राज्यपाल लाने के पीछे का यह खेल है।

सुमित राज नाम के एक शख्स ने X पर लिखा, 'भारत के बॉर्डर से बड़ी खबर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार-पश्चिम बंगाल बॉर्डर पर भारत का 9वां केंद्र शासित प्रदेश बनाने का प्लान फिर से शुरू किया है। इसमें बिहार के 4 जिले, पश्चिम बंगाल के 2 जिले शामिल होंगे, जिसमें स्ट्रेटेजिक 'चिकन नेक' सिलीगुड़ी कॉरिडोर भी शामिल होगा।' 

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क्यों ऐसे दावे किए जा रहे हैं?

भारत के लिए सिलिगुड़ी कॉरिडोर, रणनीतिक तौर पर अहम है। यह पूर्वोत्तर को 22 किलोमीटर लंबे एक कॉरिडोर से जोड़ता है, जिसे चिकेन नेक कहा जाता है। हाल के दिनों में पश्चिम बंगाल की तरफ से ऐसे बयान आए हैं, जिन्होंने सरकार की चिंता बढ़ाई है। यहां सुरक्षा बढ़ाने की मांग उठी है।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, फरवरी 2026 में सीमांचल दौरे पर गए थे। वहां उन्होंने घुसपैठियों को बाहर निकालने और सीमा सुरक्षा को मजबूत देने की बात की थी। कुछ लोगों का कहना है कि इस कवायद से सरकार घुसपैठियों पर नकेल कस सकती है।  

 

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दावे की हकीकत क्या है?

प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक टीम ने इस खबर को एक सिरे से खारिज किया है। सरकार ने कहा है, 'यह दावा फर्जी है कि सरकार सिलीगुड़ी कॉरिडोर के पास नया केंद्र शासित प्रदेश बनाने की योजना बना रही है।' इस दावे में कोई सच्चाई नहीं है।