संजय सिंह, पटना। पटना के आईएएस कॉलोनी (रूपसपुर) में कामकाजी महिलओं के लिए हॉस्टल (आकांक्षा) का शुभारंभ किया गया। मुजफ्फरपुर और पटना के बाद अब गयाजी, दरभंगा और भागलपुर में भी ऐसे ही हॉस्टल खोलने की योजना है। इसका संचालन महिला बाल विकास निगम के तहत किया जाता है। इसमें 50 महिलाओ के रहने की सुविधा है। हॉस्टल में अधीक्षक, सहायक अधीक्षक, रसोइया समेत अन्य आवश्यक कर्मी भी मौजूद होंगे। खान के लिए 3 हजार देना होगा। आवास की व्यवस्था नि:शुल्क होगी।
75 हजार तक वेतन वालों को ही मिलेगा रूम
विभाग की सचिव बंदना प्रेयषी ने कहा कि यह पहल मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में अहम है। सुरक्षित आवास मिलने से महिलाएं बिना किसी भय के नौकरी कर सकेंगी । उनकी आत्मनिर्भरता की राह और आसान होगी। साथ ही यह कदम राजधानी समेत अन्य जगहों पर महिला सुरक्षा और सामाजिक भरोसे को भी मजबूत करेगा।
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यह हॉस्टल विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए बनाए जा रहे हैं, जो अकेले रहकर सरकारी या अन्य तरह की नौकरी कर रही हैं। प्रेयषी ने कहा कि ‘अपना घर’ की तर्ज पर तैयार की गई इस हॉस्टल में उन्हीं महिला को रखा जाएगा, जिनकी मासिक आय अधिकतम 75 हजार रुपये प्रति है।
रहने का कोई किराया नहीं लगेगा
इसकी क्षमता 50 बेड की है। हॉस्टल में रहने के लिए महिलाओं को किसी तरह का कोई किराया नहीं देना होगा। उन्हें केवल भोजन का खर्च उठाना होगा, जो तीन हजार रुपये प्रति माह है। यहां बेड, लॉकर, टेबल, कुर्सी, 24 घंटे सीसीटीवी की निगरानी, बिजली, शुद्ध पीने का पानी, टीवी और मुफ्त वाई-फाई की सुविधा मिलेगी। इस चार मंजिले हॉस्टल के हर मंजिल पर दो किचन भी होंगे।
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ऑनलाइन आवेदन के बाद होगा चयन
इच्छुक महिलाएं महिला एवं बाल विकास निगम के अधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करेंगी। इसमें 'पहले आओ पहले पाओ' के आधार पर आवास की सुविधा मिलेगी। इसके बाद काउंसलिंग प्रक्रिया होगी, जिसके आधार पर चयन किया जाएगा। इसके लिए पात्र महिला को जिले में कार्यरत होने से संबंधित दस्तावेज, पहचान पत्र, नियुक्ति पत्र पे-स्लिप, स्थानीय अभिभावक का पूर्ण विवरण, दिव्यंगता की स्तिथि में संबंधित प्रमाणपत्र आदि देना अनिवार्य होगा।
