मुंबई के वर्ली इलाके में ट्रैफिक जाम की वजह से एक महिला ने महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन से भिड़ गई। अब उस महिला के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है लेकिन पुलिस ने साफ कर दिया है कि उसके खिलाफ अभी कोई FIR नहीं दर्ज हुई है।
मंगलवार (21 अप्रैल) को बीजेपी ने वर्ली के जांभोरी मैदान के पास एक रैली निकाली। यह रैली महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाले संविधान संशोधन बिल की हार पर विपक्षी पार्टियों पर हमला करने के लिए आयोजित की गई थी।
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लग गया था ट्रैफिक जाम
रैली के दौरान सड़क बंद होने से भारी ट्रैफिक जाम लग गया। एक महिला बहुत नाराज हो गई। वह मंत्री गिरीश महाजन के पास गई, जो पत्रकारों से बात कर रहे थे। महिला ने कहा, 'यहां से चले जाओ। तुम लोग ट्रैफिक जाम कर रहे हो।' उसने पूछा कि रैली को पास के खुले मैदान में क्यों नहीं रखा गया।
इस घटना के बाद बुधवार को जेन सदावरते नाम की महिला ने वर्ली पुलिस स्टेशन में शिकायत दी। जेन सदावरते वकील गुनरत्न सदावरते की बेटी हैं। शिकायत में कहा गया कि उस महिला ने हंगामा किया, गाली-गलौज की, रैली में रुकावट डाली और लोगों को परेशान किया।
सदावरते ने की थी मांग
जेन सदावरते ने पुलिस से अनुरोध किया कि महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita) की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया जाए। इनमें शामिल हैं:
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धारा 221 (पब्लिक सर्वेंट को ड्यूटी में बाधा डालना)
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धारा 132 (पब्लिक सर्वेंट को ड्यूटी करने से रोकने के लिए हमला)
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धारा 352 (जानबूझकर अपमान)
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धारा 195 और 353 (पब्लिक सर्वेंट को बाधा और पब्लिक मिसचीफ) आदि।
क्या बोली पुलिस?
मुंबई पुलिस ने शुक्रवार को साफ-साफ बताया कि महिला के खिलाफ कोई FIR दर्ज नहीं हुई है। डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस कृष्णकांत उपाध्याय ने कहा, 'यह स्पष्ट किया जाता है कि 21 अप्रैल को वर्ली में मोर्चे के दौरान ट्रैफिक जाम की आलोचना करने और चिल्लाने वाली महिला के खिलाफ कोई FIR दर्ज नहीं की गई है।'
पुलिस ने लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया पर कुछ भी पोस्ट करने से पहले आधिकारिक चैनल से फैक्ट चेक करें और गलत जानकारी न फैलाएं।
दूसरे नेताओं की प्रतिक्रिया
मंत्री गिरीश महाजन ने कहा कि महिला का गुस्सा 'कुछ हद तक जायज' था क्योंकि ट्रैफिक की समस्या थी, लेकिन उन्होंने कहा कि उसकी भाषा सही नहीं थी। उन्होंने कानूनी कार्रवाई करने से इनकार कर दिया। मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने भी रैली से आम लोगों को हुई परेशानी पर अफसोस जताया।
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पुलिस ने रैली आयोजकों के खिलाफ नियमों का उल्लंघन करने के लिए अलग से केस दर्ज किया है। यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। कई लोग महिला के गुस्से को समझ रहे हैं, जबकि कुछ इसे रैली आयोजकों की गलती मान रहे हैं। मुंबई जैसे बड़े शहर में राजनीतिक रैलियों से ट्रैफिक की समस्या आम है, जिससे आम आदमी परेशान होता है।
