आईटी सिटी बेंगलुरु से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने कॉरपोरेट जगत को हैरान कर दिया है। यहां एक नामी आईटी कंपनी के कर्मचारी पर कंपनी के कॉरपोरेट क्रेडिट कार्ड के जरिए लाखों रुपये के गबन का आरोप लगा है। मामला तब और गंभीर हो गया जब आरोपी कर्मचारी ने गबन पकड़े जाने पर सीनियर मैनेजमेंट को ही अश्लील तस्वीरें भेजकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। कार्ड पर खर्च करने की लिमिट 2 लाख रुपये थी लेकिन कर्मचारी ने 27 लाख रुपये तक खर्च कर दिए।

 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने इस कर्मचारी को ऑफिस के काम के लिए 2 लाख रुपये लिमिट वाला कॉरपोरेट क्रेडिट कार्ड दिया था लेकिन इसने नियमों को ताक पर रखकर अक्टूबर 2023 से जनवरी 2024 के बीच सिर्फ 4 महीनों में ही करीब 27,01,139 रुपये उड़ा दिए। जब कंपनी के ऑडिट में यह बड़ा गड़बड़झाला सामने आया तो उससे ईमेल के जरिए जवाब मांगा गया। इसके बाद धीरे-धीरे इस पूरे घोटाले की परतें खुलती चली गईं।

 

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शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया लेकिन उसने बचने के लिए एक अजीबोगरीब दलील दी। उसने दावा किया कि चीन और पाकिस्तान के कुछ अज्ञात लोग उसे जान से मारने की धमकी दे रहे थे, जिसके दबाव में आकर उसने कंपनी के पैसे खर्च किए। उसने लिखित में भरोसा दिलाया था कि वह फरवरी के दूसरे हफ्ते तक 10 लाख रुपये लौटा देगा और बाकी रकम किस्तों में चुकाएगा। हालांकि, समय बीतने के बाद भी उसने एक रुपया वापस नहीं किया।

ब्लैकमेलिंग पर उतरा कर्मचारी

जब कंपनी ने अपनी रकम वापस लेने के लिए दबाव बनाया तो आरोपी ने खतरनाक रुख अपना लिया। 9 फरवरी 2024 को उसने अपने ही मैनेजर को अश्लील तस्वीरें भेज दीं। इतना ही नहीं, कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए उसने आत्महत्या करने की धमकी भी दी ताकि कंपनी मैनेजमेंट डरकर पीछे हट जाए। इस मानसिक उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग से तंग आकर कंपनी ने आखिरकार कानूनी रास्ता अपनाने का फैसला किया।

 

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कंपनी की औपचारिक शिकायत के आधार पर वरथुर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पूरे घटनाक्रम की गहराई से पड़ताल की जा रही है। फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है और आगे की कार्रवाई जारी है।