आज के समय में जहां एक स्टार्टअप खड़ा करने में लोगों को सालों लग जाते हैं, वहीं 24 साल के युवा एंटरप्रेन्योर उज्ज्वल ने सबको चौंका दिया है। उज्ज्वल का कहना है कि उन्होंने अपनी अच्छी-खासी नौकरी छोड़कर सिर्फ 4 महीनों में ही 1 करोड़ रुपये की वैल्यूएशन वाला स्टार्टअप खड़ा कर लिया। उनकी यह कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और खासकर युवाओं और नए स्टार्टअप शुरू करने वालों के बीच काफी चर्चा में है।
उज्ज्वल ने इंस्टाग्राम पर अपनी यह जबरदस्त जर्नी शेयर करते हुए बताया कि उन्होंने 'LinkPlease' नाम का एक ऑटोमेशन प्लेटफॉर्म बनाया है। वीडियो में उन्होंने कहा, 'मैंने 120 दिन पहले अपनी नौकरी सिर्फ इसलिए छोड़ी थी क्योंकि मुझे क्रिएटर्स की एक बड़ी समस्या का हल निकालना था। आज उसका रिजल्ट सबके सामने है 10,000 से ज्यादा कंटेंट क्रिएटर्स हमारे प्लेटफॉर्म की मदद से अपनी ग्रोथ कर रहे हैं।'
समस्या पहचानकर बनाया समाधान
उज्ज्वल की सफलता का राज मार्केट गैप को सही समय पर पहचानना रहा। उन्होंने गौर किया कि कंटेंट क्रिएटर्स बेहतरीन वीडियो और पोस्ट तो डालते हैं लेकिन फॉलोअर्स के हजारों मैसेज (DMs) का जवाब देना उनके लिए नामुमकिन हो जाता है। इसी वजह से क्रिएटर्स अपने दर्शकों से जुड़ नहीं पाते और उनकी ग्रोथ रुक जाती है। उज्ज्वल ने इसी समस्या को दूर करने के लिए एक किफायती ऑटोमेशन इंजन बनाया, जो क्रिएटर्स के काम को ऑटोपायलट मोड पर डाल देता है।
अक्सर माना जाता है कि स्टार्टअप के लिए भारी निवेश और बड़ी टीम की जरूरत होती है लेकिन उज्ज्वल ने इस धारणा को गलत साबित कर दिया। उन्होंने बिना किसी बाहरी फंडिंग और बिना किसी बड़ी टीम के सिर्फ काम करने के सटीक तरीके पर जोर दिया। शुरुआत में उन्होंने अपने टूल का एक फ्री वर्जन लॉन्च किया ताकि असली यूजर्स से फीडबैक मिल सके। इसी फीडबैक के आधार पर उन्होंने प्रोडक्ट को इतना बेहतर बना दिया कि मार्केट ने उन्हें हाथों-हाथ लिया।
अब 10 करोड़ का है अगला लक्ष्य
सोशल मीडिया पर उज्ज्वल की इस उपलब्धि को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। जहां कई लोग उनके हसल' (Hustle) की तारीफ कर रहे हैं, वहीं कुछ एक्सपर्ट्स ने उन्हें भविष्य में ऑर्गेनिक ट्रैफिक के लिए SEO और नए फीचर्स जोड़ने की सलाह दी है। उज्ज्वल का हौसला बुलंद है और वह यहीं रुकने वाले नहीं हैं। उनका अगला लक्ष्य अपने स्टार्टअप को वैश्विक स्तर पर ले जाना और टर्नओवर को 1 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये तक पहुंचाना है।