राजस्थान के टोंक जिले से भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह मुस्लिम महिलाओं का अपमान कर रहे हैं। दरअसल, जौनपुरिया टोंक जिले में दर्जनों गरीबों महिलाओं को एक जगह बैठाकर कंबल बांट रहे थे। इसी कार्यक्रम में जौनपुरिया ने एक मुस्लिम महिला का अपमान करते हुए उसका धर्म पूछकर कंबल वापस ले लिया। इस पूरी घटना का वीडियो वहां मौजूद किसी शख्स ने रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
वायरल वीडियो में साफ पूर्व बीजेपी सांसद को साफ यह कहते हुए सुना जा सकता है कि वह मुस्लिम महिलाओं को वहां से हट जाने को कह रहे हैं। यह मामला टोंक जिले के निवाई तहसील के करेड़ा बुजुर्ग गांव का है। इस मामले पर राजस्थान कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। साथ ही इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) ने की राजस्थान इकाई के सदस्यों ने जौनपुरिया के विरोध में उन मुस्लिम महिलाओं को कंबल बांटे, जिनको बीजेपी नेता ने भगा दिया था। जौनपुरिया ने इन महिलाओं के धार्मिक पहचान का हवाला देकर उन्हें वहां से जाने के लिए कह दिया था।
यह भी पढ़ें: 'मेरा पति कस्टम अफसर का बेटा है', दिल्ली में पड़ोसियों का झगड़ा हुआ वायरल
कंबल बांटने के बाद जब पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया वहां से जाने लगे तो वहां मौजूद कुछ लोगों ने इसको लेकर सवाल जवाब करने की कोशिश की लेकिन वे ताव दिखाते हुए वहां से निकल गए।
वीडियो में क्या कर रहे हैं जौनपुरिया?
वायरल में जौनपुरिया को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि जो लोग प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को गाली देते हैं उन्हें कंबल लेने का हक ही नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि यह उनका व्यक्तिगत कार्यक्रम था और इसका किसी सरकारी योजना से संबंध नहीं था। पूर्व सांसद प्रधानमंत्री मोदी के 28 फरवरी को अजमेर में प्रस्तावित दौरे के लिए लोगों को आमंत्रित करने गए थे।
बीजेपी पर भड़के सचिन पायलट
इस मामले पर कांग्रेस नेता और राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने इसे बीजेपी और आरएसएस की नफरत करार दिया है। उन्होंने X पर कहा, 'बीजेपी और आरएसएस की मानवीय दृष्टिकोण और संवेदनाओं की व्याख्या में करुणा की बजाय नफरत झलकती है। एक गरीब, जरूरतमंद महिला को कंबल देने से वंचित करना और उसका अपमान करना बेहद निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। धर्म और जाति के आधार पर भेदभाव करना न केवल नैतिक रूप से गलत है, बल्कि संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन भी है।'
स्थानीय निवासियों ने क्या कहा?
वहीं, राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सुखबीर सिंह पर भेदभाव का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि एक जनप्रतिनिधि जो सांसद जैसे पद पर विराजमान रहा हो, वह इस तरह की हरकत करें यह बिल्कुल निंदनीय है।
यह भी पढ़ें: 'गाय का दूध पीने से बच्चा बुद्धिमान, भैंस का पीने से बेकार', मंत्री का अजीब दावा
स्थानीय निवासियों के मुताबिक, यह घटना रविवार दोपहर को कंबल वितरण कार्यक्रम में हुई। वहां मौजूद कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि शुरू में महिलाओं को कंबल दिए गए थे लेकिन बाद में उनके धर्म का पता लगने के बाद वापस ले लिए गए।
