उत्तर प्रदेश के वृंदावन के ठाकुर श्री बांकेबिहारी मंदिर में 26 जनवरी को स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन दर्शन करने पहुंचे थे। पुलिस पर यह आरोप लगाया जा रहा है कि वीआईपी सुरक्षा और व्यवस्था के नाम पर प्रशासन ने मंदिर के सेवायत गोस्वामी परिवारों की बहुओं और महिलाओं को मंदिर परिसर से बाहर निकाल दिया। इस दौरान मंदिर के दरवाजों पर ताला डाल दिया गया और साथ ही दर्शन के लिए आई महिलाएं घंटों तक लाइन में खड़ी रहीं।
हंगामा तब और बढ़ गया जब मंदिर कॉरिडोर का विरोध कर रहे सेवायत गोस्वामी, नितिन नवीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिलकर अपनी बात रखना चाहते थे। पुलिस ने जब उन्हें रोकने की कोशिश की तो गोस्वामी ने विरोध स्वरूप भगवान के सामने ही अपने कपड़े फाड़ लिए।
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पूरा मामला
इस पूरे मामले की शुरुआत मंदिर कॉरिडोर योजना के विरोध से हुई। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के मंदिर दर्शन के बाद विरोध से जुड़े कई वीडियो सामने आए। इन वीडियो में लोग योगी सरकार से अपील करते दिख रहे हैं कि प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की जाए। वे सरकार से इस मामले में सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
आपको बता दें कि स्थानीय सेवायत गोस्वामी लंबे समय से इस प्रस्तावित कॉरिडोर का विरोध कर रहे हैं। बीते दिन 26 जनवरी को जब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मंदिर आए तो मंदिर की सुरक्षा में तैनात पुलिस बल ने वीआईपी दर्शन के नाम पर सेवायत पुजारियों के घरों की महिलाओं को मंदिर के मुख्य हिस्से से हटाकर गली की तरफ कर दिया। गेट पर ताला लगा होने के कारण वे महिलाएं काफी समय तक बाहर ही खड़ी रहीं, जो नियमित रूप से दर्शन के लिए आती हैं।
जब गोस्वामी परिवारों ने इस कार्रवाई का विरोध किया और अपनी बात राष्ट्रीय अध्यक्ष तक पहुंचाने की कोशिश की तो सुरक्षा अधिकारियों ने उन्हें रोक दिया। घटनास्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार, मुख्य मंदिर के ठीक सामने पुलिस अधिकारियों और पुजारियों के बीच जमकर बहस हुई।
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पुलिस के कड़े रुख और रोके जाने से आहत होकर एक सेवायत गोस्वामी ने अपना आपा खो दिया। सबके सामने अपने कपड़ें फाड़कर इस व्यवस्था के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। यह घटना अब तूल पकड़ती जा रही है, क्योंकि सेवायत समाज का आरोप है कि वीवीआईपी कल्चर के नाम पर उन लोगों को उनके ही मंदिर में अपमानित किया जा रहा है और कॉरिडोर के नाम पर उनकी परंपराओं से खिलवाड़ हो रहा है।
