भारतीय बॉक्सिंग स्टार मैरी कॉम ने अपने बयानों पर सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली है, जिन्हें लेकर सोशल मीडिया पर काफी विवाद हो रहा था। उन्होंने कहा कि उनके शब्दों को जिस तरह पेश किया गया, उससे लोगों के बीच गलतफहमी पैदा हुई और बेवजह का विवाद खड़ा हुआ। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उनका मकसद कभी भी किसी खेल, खिलाड़ी या किसी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था।
मैरी कॉम ने अपने निजी जीवन के बारे में बात करते हुए बताया कि सालों से उनके भीतर जो दर्द, तनाव और धोखे की भावना दबी हुई थी वह अचानक से बाहर आ गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी शादी शुरू से खराब नहीं थी, बल्कि कई साल अच्छे बीते लेकिन बाद में भरोसा टूटने की वजह से हालात बदल गए। उनका कहना है कि वह सभी मामलों पर चुप थी लेकिन सोशल मीडिया पर गलत तरीके से वायरल होने की वजह से उन्हें सामने आकर सफाई देनी पड़ रही है।
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'फुटबॉल से मुझे नफरत नहीं, प्यार है'
मैरी कॉम ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया कि वह फुटबॉल या फुटबॉल कल्चर के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा, "मैं भले ही एक मुक्केबाज हूं लेकिन दिल से मुझे फुटबॉल बहुत पसंद है।" उन्होंने साफ किया कि सुनील छेत्री और बाइचुंग भूटिया जैसे महान खिलाड़ी कड़ी मेहनत से बनते हैं। वह उनका पूरा सम्मान करती हैं। उनकी टिप्पणियां केवल उनके व्यक्तिगत अनुभवों और उनके पूर्व साथी के फुटबॉल करियर से जुड़े दावों तक सीमित थीं।
सभी से मांगी माफी
अपने बयानों से आहत हुए लोगों, विशेषकर पुरुष समुदाय से मैरी कॉम ने दिल से माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि उनका बयान किसी को नीचा दिखाने या अपमानित करने के लिए नहीं था और न ही वह सभी पुरुषों के खिलाफ हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि उनके शब्दों को किसी विशेष एजेंडे या विचारधारा के रूप में न देखा जाए।
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प्यार और समर्थन की अपील
अपने संदेश के आखिर में मैरी कॉम ने भारत की जनता का आभार जताया। उन्होंने कहा कि वह एक ऐसे व्यक्ति के तौर पर बोल रही थीं जो लंबे समय से मानसिक पीड़ा सह रहा था। उन्होंने उम्मीद जताई कि देशवासियों का प्यार और आशीर्वाद उन्हें आगे भी मिलता रहेगा ताकि वह बॉक्सिंग के जरिए देश का नाम रोशन करती रहें।
