logo

ट्रेंडिंग:

श्मशान जाने से रोका, गिड़गिड़ाए घरवाले, महादलित महिला का सड़क पर अंतिम संस्कार

मृतक का परिवार श्मशान घाट तक जाने की इजाजत मांग रहा था। लाश को ले जाने की इजाजत दुकानदारों ने नहीं दी। क्या है मामला, पढ़ें रिपोर्ट।

Viral News

प्रतीकात्मक तस्वीर। AI इमेज। Photo Credit: Sora

शेयर करें

संबंधित खबरें

Advertisement
Budget2

बिहार के वैशाली जिले में एक महादलित महिला का अंतिम संस्कार, सड़क के चौराहे पर हुआ है। श्मशान घाट की सड़कों पर अतिक्रमण इतना था कि लोगों ने महिला की लाश को श्मशान घाट तक पहुंचने ही नहीं दिया। वैशाली जिले के गोराउल ब्लॉक में हुई इस घटना ने, बिहार में महादलितों की सामाजिक स्थिति पर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं। 

मृत महिला का नाम चमकी देवी था। उनके परिवार ने कहा है कि श्मशान घाट वाली सड़क के पास स्थानीय दुकानदारों ने अतिक्रमण कर लिया है और लाश को घाट तक जाने नहीं दिया। मृत महिला के परिवार ने बार-बार उनसे रास्ता खाली करने अनुरोध किया, लोग तैयार ही नहीं हुए। महिला का सड़क पर ही अंतिम  संस्कार हुआ है। 

यह भी पढ़ें: 'धर्म बदलोगे तभी काम करूंगा...', सुवेंदु अधिकारी के बयान पर मची खलबली

लाश को श्मशान घाट तक नहीं जाने दिया 

महिला के परिवार के एक सदस्य ने बताया कि जब वहां मौजूद लोगों ने लाश को श्मशान घाट तक ले जाने नहीं दिया तो सबने लाश का अंतिम संस्कार सड़क पर ही कर दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अतिक्रमण की वजह से उन्हें आए दिन इस परेशानी से गुजरना पड़ रहा है। लोगों ने श्मशान घाट की ओर जाने वाली सड़क पर ही कब्जा जमा लिया है। 

घटना का वीडियो वायरल

महादलित परिवार के साथ हुए अत्याचार की शिकायत जब पुलिस तक पहुंची तो जिला मजिस्ट्रेट वर्षा सिंह ने इस इलाके का दौरा किया। उन्होंने कहा कि घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। सड़क पर एक महिला का अंतिम संस्कार किया गया था। 91 साल की मृत महिला कानाम चमकी देवी था।

यह भी पढ़ें: वर्कलोड के चलते चली गई जान, मौत के बाद भी ऑफिस से आ गया ईमेल

 

पुलिस जांच में क्या पता चला?

जिला मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में स्थानीय लोग, मुखिया, पंचायत और जिला परिषद के सदस्य भी मौजूद रहे। ग्रामीण पहले एक निजी जमीन से होकर श्मशान घाट तक जाते थे। जमीन मालिकों ने दुकान बना लिए, अब उस रास्ते से लोग लाश नहीं ले जा पा रहे हैं। परिवार ने इसी वजह से सड़क पर अंतिम संस्कार किया है। 

क्या कह रहे हैं अधिकारी?

जिला मजिस्ट्रेट वर्षा सिंह का कहना है कि स्थानीय लोगों ने इस मामले में बात की गई है। एक आम सहमति पर बात हुई है। अगर जमीन के मालिक, रास्ते के लिए एक नॉन ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट पर तैयार होते हैं तो सरकारी योजना के जरिए श्मशान घाट तक पहुंचने की व्यवस्था की जाएगी। ज्यादातर लोगों ने इसे लेकर सहमति जताई है। 

 

यह भी पढ़ें: चौथे बच्चे पर 21, पांचवें पर देंगे 31 हजार, हिंदू रक्षा दल का यह कैसा एलान?

अब आगे क्या?

उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गई है। एडिशनल एसपी  (ट्रैफिक) और जिला कल्याण अधिकारी के सदस्य इसमें शामिल रहे हैं। स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी स्पष्टीकरण मांग रहे हैं। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद दोषी पाए गए लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

Related Topic:#Vaishali#bihar news

और पढ़ें

design

हमारे बारे में

श्रेणियाँ

Copyright ©️ TIF MULTIMEDIA PRIVATE LIMITED | All Rights Reserved | Developed By TIF Technologies

CONTACT US | PRIVACY POLICY | TERMS OF USE | Sitemap