सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोग एक व्यक्ति की बेरहमी से पिटाई करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में साफ दिखता है कि व्यक्ति जमीन पर बैठा रो रहा है, जबकि कई लोग उसे मार रहे हैं। वहीं, एक महिला उसे बचाने की कोशिश करती दिख रही है, जिसे उसकी पत्नी बताया जा रहा है।
वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि यह घटना क्रेडिट कार्ड का बिल समय पर न चुकाने को लेकर हुई है और मारपीट करने वाले लोग रिकवरी एजेंट हैं। हालांकि, इस वीडियो की सच्चाई की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है और खबरगांव इस दावे की पुष्टि नहीं करता है। फिर भी इस घटना ने एक अहम सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या वसूली एजेंट किसी ग्राहक के साथ इस तरह का व्यवहार कर सकते हैं?
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क्या कहते हैं नियम?
कानूनी जानकारों के मुताबिक, कोई भी रिकवरी एजेंट आपको मार नहीं सकता और न ही बदतमीजी कर सकता है। कर्ज वसूलने के लिए उन्हें सिर्फ कानूनी तरीके ही अपनाने होते हैं। अगर कोई एजेंट आपको धमकाता है या हिंसा करता है, तो यह सीधा-सीधा कानून का उल्लंघन है और उस पर सख्त कार्रवाई हो सकती है।
RBI के नियम कहते हैं कि रिकवरी एजेंट सिर्फ सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे के बीच ही आपको कॉल कर सकते हैं या मिलने के लिए आ सकते हैं। उन्हें आपकी प्राइवेसी का भी पूरा ध्यान रखना जरूरी है। अगर कोई एजेंट इन नियमों को तोड़ता है, तो बैंक पर भी भारी जुर्माना लग सकता है। इसके अलावा, रिकवरी एजेंट हफ्ते में सिर्फ सोमवार से शनिवार तक ही आपसे संपर्क कर सकते हैं। रविवार या किसी छुट्टी के दिन आपको परेशान करना पूरी तरह गलत है।
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मारपीट होने पर तुरंत करें ये 3 काम
अगर कोई रिकवरी एजेंट आपके घर आकर बदसलूकी या मारपीट करता है तो डरे नहीं बल्कि इन कानूनी रास्तों को अपनाएं:
- पुलिस में FIR: मारपीट या जान से मारने की धमकी मिलने पर तुरंत स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
- बैंक और RBI में शिकायत: संबंधित बैंक के नोडल अधिकारी और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के बैंकिंग लोकपाल (Ombudsman) के पास एजेंट और बैंक की शिकायत करें।
- मुआवजे की मांग: आप कोर्ट के जरिए न केवल उन एजेंटों पर केस दर्ज करा सकते हैं, बल्कि अपनी मानहानि और शारीरिक कष्ट के लिए भारी मुआवजे की मांग भी कर सकते हैं।
