महाराष्ट्र में शिवसेना विधायक अब्दुलसत्तार के महाशिवरात्रि दर्शन पर बवाल मचा है। वह छत्रपति संभाजीनगर के एक शिवमंदिर गए, जिसके बाद आए एक वीडियो पर सियासी हंगामा बरपा है। जैसे ही वह भगवान शिव को जल चढ़ाकर मंदिर से लौटे, भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता मंदिर पहुंचे और गोमूत्र से मंदिर का शुद्धिकरण करने लगे।

भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं का कहना है कि अब्दुल सत्तार के मंदिर में आए थे। मंदिर आने की वजह से मंदिर की सनातनी मर्यादा भंग हो गई है। इसलिए मंदिर का गोमूत्र से धुला जाना अनिवार्य है। बीजेपी कार्यकर्ताओं का यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ है। 

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क्यों दर्शन पर मचा है बवाल?

रविवार को महाशिवरात्रि पर्व था। अब्दुल सत्तार सिल्लोडके रहीमाबाद स्थित शिव मंदिर में चले गए। बीजेपी और दूसरे हिंदू संगठनों ने इस पर ऐतराज जताया। लोगों का कहना है कि मंदिर उनके आने से अपवित्र हो गया है, इसलिए अब मंदिर का शुद्धूकरण किया जा रहा है।

बीजेपी की सिल्लोड यूनिट के चीफ मनोज मोरेलू ने भी दावा किया है कि अब्दुल सत्तार गोमांस खाते हैं, उनके आने से मंदिर अपवित्र हुआ है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से कार्यकर्ताओं ने मंदिर में गोमूत्रो छिड़का है, जिससे मंदिर परिसर पवित्र हो जाए। उनका कहना है कि वह हज पर गए हैं, मंदिर में आकर हिंदुओं को मूर्ख बना रहे हैं। 

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नेताओं का क्या कहना है?

वारिस पठान, नेता, AIMIM:-
आपको अब्दुल सत्तार से सवाल करना चाहिए। सबसे पहले, उनसे पूछिए कि वह मंदिर क्यों गए थे। और आप गए थे, इससे इनकार मत कीजिए। आप वहां पूजा करने गए थे। आप क्यों गए थे? दूसरा सवाल जो आपको पूछना चाहिए, वह यह है कि वहां के लोगों ने शुद्धिकरण की रस्म क्यों की? सत्तार जैसे लोग अपने राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए ऐसी चीजें करते हैं।


कांग्रेस नेता असलम शेख ने कहा, 'एक सच्चा हिंदू इसे कभी गलत नहीं मानेगा। यह देश सबका है। हर धर्म और हर पूजा की जगह, चाहे वह गुरुद्वारा हो, मंदिर हो या मस्जिद। वे पूरे इतिहास में एक साथ रहे हैं। जो लोग सच में छत्रपति शिवाजी महाराज को मानते हैं, वे ऐसे मेलजोल का विरोध नहीं कर सकते। शिवाजी महाराज ने मुस्लिम संतों की दरगाहों के लिए भी जमीन दी थी। जो लोग ऐसे कामों का विरोध कर रहे हैं, वे सच में शिवाजी महाराज में विश्वास नहीं करते।'

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अबू आजमी, महाराष्ट्र सपा अध्यक्ष:-
अब्दुल सत्तार हमेशा अपने गैर-मुस्लिम भाइयों को खुश रखने की कोशिश करते हैं। उन्हें खुश रखने का मतलब यह नहीं है कि एक मुसलमान होकर आप मंदिर में पूजा करें, या एक हिंदू मस्जिद में नमाज़ पढ़े। सेक्युलरिज्म का मतलब है कि मंदिर जाने वाला मंदिर में पूजा करे और मस्जिद जाने वाला मस्जिद में नमाज पढ़े। सभी को अपने-अपने धर्म का पालन करना चाहिए।'

शिवसेना ने क्या कहा है?

शिवसेना नेता संजय निरुपम में कहा, 'शिव सबके हैं। शिव सर्वव्यापी हैं। शिव ही सत्य हैं। अगर विधायक अब्दुल सत्तार महाशिवरात्रि पर शिव का दर्शन करने एक शिव मंदिर में चले गए तो ना शिव अपवित्र हुए,ना शिव मंदिर। पवित्र सत्तार हो गए।
विरोध व्यर्थ है।