समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव इन दिनों भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ काफी आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। सोमवार को लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने न सिर्फ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर वोट बांटने की साजिश का गंभीर आरोप लगाया, बल्कि अपना मोबाइल फोन निकालकर एक गाना भी बजाया। गाने का टाइटल है 'दबदबा बना रहेगा।' अक्सर यह गाना और इसके बोल बीजेपी के नेता बृजभूषण शरण सिंह के समर्थक इस्तेमाल करते हैं।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने सरकार पर कई आरोप लगाए। सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्या, कानून-व्यवस्था और कमजोर होती अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में गरीबों का सबसे बड़ा हथियार उनका वोट होता है और उस अधिकार को छीनने की कोशिश की जा रही है।
यह भी पढ़ें: बेटा-बेटी नहीं बकरियों का बर्थडे मना डाला, केक काटकर गांववालों को दी पार्टी
अखिलेश यादव ने क्यों बजवाया दबदबा गाना?
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बजाए गए 'दबदबा बना रहेगा' गीत पर अखिलेश यादव ने कहा कि चाहे पंचायत चुनाव हों या न हों, लोग इस गीत को सुनें। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि कल को दिल्ली वाले (बीजेपी नेता) आकर कहेंगे कि समाजवादियों ने यह गाना बनवाया है, इसलिए हमने अपनी 'फील्डिंग' पहले ही सजा ली है।
लखनऊ में प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि जिन लोकसभा सीटों पर समाजवादी पार्टी जीती, वहां योजनाबद्ध तरीके से वोट कटवाने की साजिश हुई। उन्होंने कहा कि शहर अध्यक्ष के फर्जी हस्ताक्षर से फॉर्म-7 भरकर कार्यकर्ता नंदलाल समेत 16 लोगों के नाम हटाए गए। शिकायत पर प्रशासन ने फॉर्म से इनकार किया। यादव ने यह भी कहा कि विधायक जियाउद्दीन रिजवी की पत्नी का वोट भी हटाकर नाम जोड़ने में अनुचित मांग की गई।
यह भी पढ़ें: भारत से एक और हार मिली, पाकिस्तानी फैन ने बल्ले से तोड़ डाला TV
अखिलेश यादव के मुताबिक समाजवादी पार्टी ने सिर्फ 47 फॉर्म-7 जमा किए, जबकि बीजेपी की ओर से 1789 और 1,28,659 फॉर्म अज्ञात लोगों ने भरे। उनका आरोप है कि ये अज्ञात लोग बीजेपी से जुड़े होकर PDA समुदाय के वोटरों को निशाना बना रहे हैं। अयोध्या के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि 181 नोटिस में करीब 76% नाम PDA समुदाय के हैं और पूछा कि SIR पूरा होने के बाद फॉर्म-7 की जरूरत क्यों पड़ी।