उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में एक प्राइमरी स्कूल की टीचर शालिनी मिश्रा को सस्पेंड किए जाने के बाद भारी हंगामा शुरू हो गया है। स्कूल के छात्र-छात्राएं अपनी टीचर के समर्थन में उतर आए हैं और उन्होंने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया है। बच्चों ने विरोध जताने के लिए अपने बस्ते स्कूल की दीवार और गेट पर बाहर ही लटका दिए हैं। छात्रों का साफ कहना है कि उनकी टीचर बहुत अच्छा पढ़ाती हैं और जब तक उन्हें वापस नहीं बुलाया जाता, तब तक वे स्कूल के अंदर कदम नहीं रखेंगे और न ही किसी को घुसने देंगे।

 

इस पूरे विवाद की मुख्य वजह एक वीडियो है जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इस वीडियो में स्कूल के बच्चे सफाई करते और झाड़ू लगाते हुए दिखाई दे रहे थे। जब यह मामला जिले के शिक्षा अधिकारी (BSA) के पास पहुंचा, तो उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए टीचर शालिनी मिश्रा को स्सपेंड कर दिया। इसके अलावा स्कूल के कागजों में हाजिरी और लैब के सामान के रिकॉर्ड में कुछ कमियां होने की बात भी प्रशासन की ओर से कही गई है।

 

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छात्रों ने बताया साजिश का हिस्सा

स्कूल की छात्राओं दीपा और इजरा ने अपनी टीचर का बचाव करते हुए कहा कि उनके खिलाफ साजिश रची गई है। दीपा का कहना है कि शालिनी पिछले 27 सालों से बिना किसी भेदभाव के सभी को बहुत प्यार से पढ़ाती थीं इसलिए उन्हें फंसाना गलत है। वहीं इजरा ने भावुक होकर कहा कि स्कूल उनके लिए एक मंदिर की तरह है और प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के स्वच्छता अभियान की तरह अपने स्कूल को साफ रखना उनका कर्तव्य है। बच्चों का मानना है कि उन्होंने अपनी मर्जी से सफाई की थी और इसके लिए उनकी अच्छी टीचर को सजा देना उनके साथ नाइंसाफी है।

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बच्चों की मांग

बच्चों की जिद और विरोध के कारण स्कूल में पढ़ाई और कामकाज पूरी तरह रुक गया है। छात्रों ने प्रशासन को सीधी चेतावनी दी है कि उनका प्रदर्शन तब तक खत्म नहीं होगा जब तक उनकी मैडम दोबारा स्कूल में आकर पढ़ाना शुरू नहीं कर देती। इस घटना ने पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना दिया है कि कैसे छोटे बच्चे अपनी शिक्षिका को वापस लाने के लिए एकजुट होकर संघर्ष कर रहे हैं।