UPSC एजुकेटर अवध ओझा का एक बयान सुर्खियों में है। उन्होंने भारत की राजनीतिक व्यवस्था को लेकर कुछ सवाल उठाए हैं और देश की सियासी पार्टियों को संदेश दिया है कि सत्ता में आने पर कैसी शासन व्यवस्था करानी चाहिए। उनके बयान की शुरुआत राजा की भूमिका से होती है और अंत में ट्रंप तक पर वह बोलते नजर आते है।

अवध ओझा, भारत की व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि जिन मुद्दों पर भारतीयों को संवेदनशील होना चाहिए, वे वहां नहीं होते, जहां नहीं होना चाहिए, वहां हो जाते हैं। अवध ओझा ने कहा कि वह गीता और रामायण पढ़ाते हैं, इसलिए उनके ज्ञान को लेकर सवाल न उठाए जाएं।

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'राजा को राम की तरह होना चाहिए'

अवध ओझा, UPSC एजुकेटर:-
राजा को राम की तरह होना चाहिए, जागृत। राजा अगर पाखंडी है तो रावण से ज्यादा घातक हो जाएगा। 

अवध ओझा ने गीता पर क्या कहा?

अवध ओझा ने कहा, 'कल एक साहब से मैंने कहा कि गीता में 18 अध्याय क्यों है। 18 पुराण क्यों हैं। उन्होंने हमसे कहा आप धर्म पर कमेंट करते हैं। मैंने कहा मैंने, मैं धर्म पढ़ाता हूं, गीता पढ़ा रहा हूं एक साल से और राम चरित मानस पढ़ाने जा रहा हूं।  मैं धर्म पर कमेंट करूँगा, मैं पाखंड पर कमेंट करता हूं।'

अवध ओझा, शिक्षक:-
जाहिल हो तुम, मैं देश की दुर्दशा पर कमेंट करता हूं। वह बगल में पड़ोसी चाइना, ट्रम को धमकी देता है घर में बिठा कर और हम, हमको ट्रंप कहता है कि भारत नरक है। हमारी मां को वह नरक कह रहा है और देश में कोई प्रतिक्रिया नहीं करता।

'वह प्रधानमंत्री को गाली देता है, भारत चुप है'

अवध ओझा ने कहा, 'वह हमारे प्रधानमंत्री को धमकी देता है और देश में कोई प्रतिक्रिया नहीं होती। इरान युद्ध में वह भारत को मध्यस्थ नहीं बनाता, दोस्त कह कर भी और भारत में कोई प्रतिक्रिया नहीं होती।'

 

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अवध ओझा, शिक्षक:-
तुम जाहिल हो, मंद बुद्धी, सारे नेता अमीर होते जा रहे हैं, जनता गरीब होते जा रही है। वे सब सेवक हैं,सब नौकर मर्सडीज से चल रहे हैं, मालिक भिखमंगा होता जा रहा है।

'नेता 5 स्टार में, जनता खड़े-खड़े मरी जा रही है'

अवध ओझा ने कहा, 'वे लोग फाइव स्टार होटलों में अपना इलाज करवा रहे हैं, अस्पताल थोड़ी, फाइव स्टार होटल है, फाइव स्टार होटलों में अपना इलाज करवा रहे हैं, जनता लाइन में खड़े-खड़े मरी जा रहे हैं, सभी सेवकों के बच्चें अमेरिका में पढ़ते हैं।'

5 किलो राशन पर मौज ले गए अवध ओझा 

अवध ओझा ने कहा, 'नेता लोगों में पांच किलो राशन बांट रहे थे। वे यह काम कई दिनों से नहीं, बल्कि सालों से करते आ रहे हैं। मोदी जी को लगा कि जो लोग प्राणायाम करते हैं और टोपी पहनकर रहते हैं, वे कहां से खाना खाते हैं? 

 

 

'क्विंटलभर राशन बेचकर विदेश जाएंगे'

अवध ओझा, शिक्षक:-
इन्होंने तो पांच किलो राशन इकट्ठा करके क्विंटल भर रखा होगा। अब ये राशन बेचकर उस पैसे से विदेश घूमने जाएंगे। इसलिए मोदी जी ने कहा कि विदेश मत जाओ। जो क्विंटल भर राशन तुमने बचा रखा है, उसे बेचकर सोना खरीदने की हिम्मत है तो दिखाओ।'

'5 किलो राशन में भी कमीशन लेते हैं नेता'

अवध ओझा ने कहा, 'तेल कम खाओ, क्योंकि इससे कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है। मोदी जी देश की जनता की सेहत की चिंता करते हैं। इस देश में कुछ ऐसे नेता भी हैं जो पांच किलो राशन में से एक किलो कमीशन ले लेते हैं। जनता को मिलने वाला राशन भी इनके कमीशन का हिस्सा बन जाता है। ये लोग खुद को जन नायक और जन सेवक कहते हैं, लेकिन असल में जनता को पूरी तरह सेट कर दिया है।'

'अब कोई सत्याग्रह नहीं होगा'

अवध ओझा ने कहा, 'अब कोई सत्याग्रह भी नहीं हो सकता। अगर कोई मस्ती में बैठा है और सत्याग्रह करने की कोशिश करे तो इन्हें एक कर के खा जाएंगे। किसी की मां ने दूध पिलाया हो तो भी, सत्याग्रह करने वालों को पकड़कर पीट देंगे और नाकों चने चबवा देंगे।'