क्रिप्टो एक्सचेंज CoinDCX के दोनों फाउंडर्स के साथ एक अजीबोगरीब घटना घटी है। खुद फाउंडर सुमित गुप्ता ने बताया है कि एक फ्रॉड केस की शिकायत के चलते उन्हें और उनके पार्टनर नीरज खंडेलवाल को गिरफ्तार कर लिया गया था। तीन दिन तक दोनों पुलिस कस्टडी में रहे और बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। असल में शिकायकर्ता एक ऐसी फर्जी वेबसाइट के जरिए शिकार हुए था जिसका नाम CoinDCX से मिलता-जुलता था। अब सुमित गुप्ता का कहना है कि ऐसा किसी और के साथ न हो इसलिए वह 100 करोड़ लागत लागत वाला एक डिजिटल सुरक्षा नेटवर्क बनाएंगे ताकि ऐसी गड़बड़ी फिर किसी कंपनी या फाउंडर के साथ न हो।
इससे पहले खबरें आई थीं कि 71 लाख रुपये का फ्रॉड करने के आरोप में सुमित गुप्ता और उनके पार्टनर नीरज खंडेलवाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में 16 मार्च को एफआईआर कराई गई थी। उस वक्त भी CoinDCX ने इस एफआईआर को गलत बताया था। शिकायत करने वाले शख्स ने कहा था कि अगस्त 2025 से मार्च 2026 के बीच उनके 71.6 लाख रुपये इस कंपनी ने ठग लिए। शिकायत में यह भी कहा गया था कि उन्हें इन्वेस्टमेंट के बदले तगड़े रिटर्न और फ्रेंचाइजी का भी ऑफर दिया गया था।
सुमित गुप्ता ने बताई असलियत
अब सुमित गुप्ता ने इस मामले पर एक लंबा-चौड़ा सोशल मीडिया पोस्ट लिखा है। उन्हों लिखा है, '21 मार्च को मुझे और नीरज को पुलिस कस्टडी में ले लिया गया था। 24 मार्च को ठाणे की अदालत ने हमें जमानत दे दी। कोर्ट ने शुरुआती तौर पर यह माना कि हमारे खिलाफ कोई केस नहीं बनता है। इस शिकायत में जिस फर्जी वेबसाइट का का इस्तेमाल हुआ वह coindx डॉट pro है जो कि फर्जी है और इसका हमारे प्लेटफॉर्म, हमारे सिस्टम या CoinDCX का इससे कोई लेना-देना नहीं है। हमारे एक्सचेंज पर कोई लेन-देन भी नहीं हुआ। शिकायतकर्ता ने भी कोर्ट में माना कि वह हमें नहीं जानते और हमसे कभी भी उनकी मुलाकात तक नहीं हुई।'
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सुमित आगे लिखते हैं, 'अब हमने फैसले लिया है कि इसे बदलना होगा क्योंकि यह किसी भी बिजनेस या किसी भी फाउंडर के साथ हो सकता है। इस बदलाव की अगुवाई CoinDCX करेगा। हम 100 करोड़ के कमिटमेंट के साथ डिजिटल सुरक्षा नेटवर्क का एलान कर रहे हैं ताकि भारत में एक साइबर सेफ्टी इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाए सके। भारत के डिजिटल फाइनेंस ईकोसिस्टम को इसकी जरूरत है लेकिन अभी यह भारत में नहीं है। यह सिर्फ क्रिप्टो वालों की समस्या नहीं है। यह किसी भी ऐसी कंपनी के साथ हो सकता है, जिसका कोई डिजिटल फुटप्रिंट है।'
क्या करने वाला है CoinDCX?
एलान के मुताबिक, 24X7 चलने वाली एक वॉट्सऐप हेल्पलाइन बनाई जाएगी जिसके जरिए आप कोई भी लेन-देन करने से पहले किसी भी लिंक या प्लेटफॉर्म को वेरिफाई कर सकते हैं। इसके अलावा ओपन फ्रॉड इंटेलिजेंस API बनाई जाएगी ताकि फर्जी वेबसाइटों पर रोक लगे। इसके बारे में CoinDCX का कहना है कि उसके प्लेटफॉर्म की नकल करने वाली 1200 से ज्यादा वेबसाइटों का उसने पता लगाया है और वह चाहते हैं कि बाकी कंपनियां भी इसमें सहयोग करके फर्जी वेबसाइटों को उजागर करें।
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इसके अलावा, डिजिटल सुरक्षा नेटवर्क ट्रेनिंग प्रोग्राम भी चलाएगा ताकि लोगों को इसके प्रति जागरूक किया जाएगा।