भारत में सोना सिर्फ गहना नहीं, बचत का सबसे पुराना तरीका है लेकिन सोना रखने की अपनी मुश्किलें भी हैं चोरी का डर, शुद्धता का भरोसा नहीं, और बेचते वक्त नुकसान। अब इन सब परेशानियों का हल आ गया है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE ने 4 मई 2026 को एक नया तरीका शुरू किया है जिसका नाम है इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट यानी ईजीआर।
ईजीआर को आसान भाषा में समझें तो यह सोने की एक डिजिटल रसीद है। आपका सोना एक सरकारी मान्यता प्राप्त तिजोरी में सुरक्षित रहता है और उसकी रसीद आपके डीमैट अकाउंट में आ जाती है। जैसे किसी कंपनी के शेयर डीमैट में दिखते हैं बिल्कुल वैसे ही। लॉन्च के दिन NSE ने खुद एक किलो सोने की ईट को तिजोरी में रखकर उसकी डिजिटल रसीद बनाई और उसे एक्सचेंज पर लिस्ट किया।
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कैसे काम करता है?
पहले असली सोना SEBI से मान्यता प्राप्त तिजोरी में जमा होता है। वहां उसकी शुद्धता और वजन की जांच होती है। जांच के बाद उतनी ही ईजीआर यूनिट आपके डीमैट अकाउंट में आ जाती हैं। फिर इन्हें आप शेयर की तरह खरीद और बेच सकते हैं। ट्रेडिंग का समय सोमवार से शुक्रवार सुबह नौ बजे से रात साढ़े ग्यारह बजे तक है। खरीद-बेच के अगले कारोबारी दिन पैसों का हिसाब हो जाता है।
यह जरूरी नहीं कि पूरा 10 ग्राम या किलो खरीदें। 100 मिलीग्राम से लेकर एक किलो तक की यूनिट में खरीद सकते हैं। शुद्धता की बात करें तो 999 यानी 24 कैरेट और 995 दोनों में मिलता है। शुद्धता की पूरी गारंटी होती है क्योंकि सोना SEBI मान्यता प्राप्त तिजोरी में रखा होता है। कोई मेकिंग चार्ज नहीं, कोई मिलावट का डर नहीं।
असली सोना चाहिए तो?
कभी भी असली सोना वापस ले सकते हैं। इसके लिए सुबह दस बजे से दोपहर तीन बजे के बीच रिक्वेस्ट देनी होती है। रिक्वेस्ट तीन दिन तक मान्य रहती है। उसके बाद आपकी डिजिटल रसीद बंद हो जाती है और असली सोना आपको मिल जाता है। एक खास बात यह भी है कि मुंबई में जमा कराया सोना आप दिल्ली, अहमदाबाद या देश में कहीं भी किसी मान्यता प्राप्त तिजोरी से निकाल सकते हैं।
आम निवेशक, जौहरी, सोने के कारोबारी और बड़ी कंपनियां सब इसमें हिस्सा ले सकते हैं। बस एक डीमैट अकाउंट होना चाहिए। पैन, आधार और बैंक अकाउंट से केवाईसी पूरी करनी होगी। अगर असली सोना घर लेना हो तो उस पर तीन फीसदी GST और तिजोरी का चार्ज अलग से लगेगा।
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पहले भी हुई थी कोशिश
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी BSE ने 2022 में दिवाली के मुहूर्त ट्रेडिंग पर इसे शुरू किया था लेकिन तब यह ज्यादा नहीं चला। अब NSE ने इसे पूरी तैयारी के साथ दोबारा लॉन्च किया है। भारत दुनिया में सबसे ज्यादा सोना खरीदने वाले देशों में से एक है लेकिन सोने का बड़ा कारोबार अभी भी बिना किसी नियम-कायदे के होता है। हर शहर में कीमत अलग, शुद्धता का भरोसा नहीं। ईजीआर इस पूरी परेशानी को खत्म करने की कोशिश है। टाइटन, कल्याण ज्वैलर्स जैसी बड़ी कंपनियों को भी इससे फायदा होगा। NSE का यह कदम सोने को शेयर बाजार की तरह पारदर्शी और आसान बनाने की कोशिश है।