भारत में सोना खरीदना एक भरोसे का सौदा माना जाता है। शादी हो, त्योहार हो या निवेश सोना हर मौके पर पहली पसंद रहता है। लोग अपनी जिंदगी भर की कमाई लगाकर सोना खरीदते हैं और समझते हैं कि यह एक सुरक्षित निवेश है लेकिन क्या आप जानते हैं कि जो सोना आप खरीद रहे हैं वह असली है या सिर्फ उसकी चमक असली है? हाल ही में राजस्थान से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया, जहां ताम्बे और पीतल को मिलाकर बनाई गई ज्वेलरी को 22 कैरेट सोना बताकर बेचा गया।
इन नकली गहनों पर बीआईएस (Bureau of Indian Standards) हॉलमार्क के नकली निशान भी लगाए गए थे ताकि खरीदार को असली सोने का भरोसा दिलाया जा सके। यानी गहने पर सरकारी मुहर भी थी, फिर भी वह नकली निकला। राजस्थान, महाराष्ट्र और दिल्ली में हुई जांच में दर्जनों ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। ठग इतने शातिर हो गए हैं कि हॉलमार्क देखकर भी धोखा खाया जा सकता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि असली सोने की पहचान कैसे करें?
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1. चेक करें हॉलमार्क
सोने पर बीआईएस हॉलमार्क होना जरूरी है लेकिन राजस्थान के मामले ने यह साबित कर दिया कि नकली बीआईएस हॉलमार्क लगाकर भी ग्राहकों को ठगा जा सकता है। इसलिए हॉलमार्क देखना काफी नहीं है, उसे वेरिफाई करना भी उतना ही जरूरी है। असली हॉलमार्क वाले गहने पर तीन चीजें होती हैं, बीआईएस का त्रिकोण निशान, पवित्रता का अंक जैसे 22 कैरेट के लिए 916 और एक 6 अंकों का एचयूआईडी (Hallmark Unique Identification) नंबर। अगर इनमें से कोई एक भी गायब है तो गहने को खरीदने से पहले दोबारा सोचें।
2. BIS केयर एप से HUID नंबर जरूर चेक करें
बीआईएस केयर एप (Bureau of Indian Standards Consumer Awareness and Redressal App) एक ऐसा टूल है जिससे आप किसी भी गहने पर लगे एचयूआईडी नंबर को डालकर उसकी पवित्रता, जौहरी की जानकारी और हॉलमार्क की पूरी डिटेल देख सकते हैं। एप खोलें, 'वेरिफाई एचयूआईडी' पर जाएं और गहने पर लिखा 6 अंकों का अल्फान्यूमेरिक यानी अक्षर और अंकों का मिश्रण कोड डालें। यह एप बीआईएस के सेंट्रल डेटाबेस से तुरंत जुड़कर बताती है कि गहना कब और किस असेइंग सेंटर जिसे हम सोने की शुद्धता जांच केंद्र भी कहते है। यह एप ही एकमात्र सरकारी मान्यता प्राप्त तरीका है कोई भी थर्ड पार्टी वेबसाइट या स्कैनर आधिकारिक नहीं है। अगर एचयूआईडी नंबर एप में नहीं मिलता तो वह गहना नकली हो सकता है।
3. चमक सोने जैसी दिखती है
नकली सोना बनाने वाले पहले पीतल और तांबे को भट्टी में पिघलाते हैं, फिर उस पर एक खास केमिकल लगाते हैं जिससे वह सोने जैसा चमकने लगता है। देखने में यह बिल्कुल असली सोने जैसा लगता है। इसलिए सिर्फ चमक देखकर खरीदारी न करें। हमेशा किसी भरोसेमंद जौहरी से एक्सआरएफ (X-Ray Fluorescence) मशीन से जांच कराएं। यह मशीन गहने के अंदर की असली धातु की पहचान करती है और बताती है कि सोना कितना शुद्ध है।
4. हमेशा पक्का बिल लें
सोना खरीदते वक्त कई लोग बिल लेना जरूरी नहीं समझते लेकिन यह सबसे बड़ी गलती है। हमेशा ऐसा बिल लें जिसमें हॉलमार्क नंबर और गहने की शुद्धता साफ-साफ लिखी हो। बीआईएस के नियमों के मुताबिक अगर हॉलमार्क वाले गहने में शुद्धता कम निकलती है तो जौहरी को उस कमी की भरपाई दो गुना तक करनी होती है लेकिन यह तभी हो सकता है जब आपके पास पक्का बिल हो।
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5. शिकायत करें
अगर आपको लगे कि आपके साथ धोखा हुआ है तो घबराएं नहीं। बीआईएस की वेबसाइट www.bis.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा बीआईएस केयर एप से भी शिकायत की जा सकती है या complaints@bis.gov.in पर ईमेल भेज सकते हैं। सरकार और बीआईएस ने नियमित बाजार जांच शुरू की है और राज्य लीगल मेट्रोलॉजी (कानूनी माप-तौल) विभागों को ऐसी धोखाधड़ी रोकने के लिए अधिकार दिए गए हैं। आपकी एक शिकायत दूसरों को भी बचा सकती है।