वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में यूनियन बजट 2026-27 पेश किया। उन्होंने बजट भाषण में अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर दिया। बजट का फोकस तीन मुख्य 'कर्तव्यों' पर था: आर्थिक विकास को तेज करना और वैश्विक उतार-चढ़ाव से बचाव करना, लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमता बढ़ाना तथा हर परिवार, समुदाय, क्षेत्र और सेक्टर को संसाधन, सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराना।
बजट में एक बड़ा बदलाव शेयर बाजार के फ्यूचर्स और ऑप्शंस (डेरिवेटिव्स) ट्रेडिंग पर हुआ। सरकार ने सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (एसटीटी) बढ़ा दिया है। अब फ्यूचर्स पर एसटीटी 0.02% से बढ़ाकर 0.05% कर दिया गया है और ऑप्शंस पर एसटीटी अब 0.1% से बढ़ाकर 0.15% कर दिया गया है।
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क्या है STT?
सिक्युरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) भारत में स्टॉक एक्सचेंजों पर शेयर, डेरिवेटिव्स और अन्य प्रतिभूतियों की खरीद-बिक्री पर लगने वाला एक डायरेक्ट टैक्स है। यह 2004 के फाइनेंस एक्ट के तहत शुरू किया गया ताकि टैक्स चोरी रोकी जा सके और ट्रांजेक्शन पारदर्शी बने।
STT ट्रांजेक्शन वैल्यू पर प्रतिशत आधारित दर से लगाया जाता है। स्टॉक एक्सचेंज (NSE, BSE) इसे काटकर सीधे सरकार के पास जमा करते हैं। इंट्राडे या डिलीवरी ट्रेड्स में यह लागू होता है।
बाजार में तेज गिरावट
इसका मतलब है कि फ्यूचर्स और ऑप्शंस में ट्रेडिंग करने वालों के लिए अब ट्रेडिंग का खर्च बढ़ जाएगा। खासकर जो लोग बार-बार या बड़े वॉल्यूम में ट्रेड करते हैं, उनकी कमाई पर असर पड़ेगा। सरकार का कहना है कि इससे ज्यादा सट्टेबाजी (स्पेकुलेशन) रुकेगी और सरकार को ज्यादा टैक्स मिलेगा।
इस घोषणा के बाद शेयर बाजार में तेज गिरावट आई। बजट भाषण खत्म होने के बाद सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट आई। दोपहर करीब 12:35 बजे निफ्टी 50 लगभग 1.94% गिरकर 24,832 पर था, जबकि बीएसई सेंसेक्स 1.8% गिरकर 80,834 पर पहुंच गया। ब्रोकरेज कंपनियों के शेयर भी काफी गिरे।
शेयर बायबैक पर भी एलान
एक और महत्वपूर्ण घोषणा शेयर बायबैक पर हुई। अब सभी प्रकार के शेयरधारकों के लिए बायबैक से मिलने वाली रकम को कैपिटल गेन के रूप में टैक्स लगेगा। बजट में कैपिटल एक्सपेंडिचर (पूंजीगत खर्च) को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया गया है, जो विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस दिखाता है।
क्या बोला विपक्ष?
बजट का विपक्ष ने खासा विरोध किया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि 2026-27 का केंद्रीय बजट दिशाहीन, जनविरोधी है और इसमें दूरदर्शिता का अभाव है। उन्होंने कहा कि बजट में पश्चिम बंगाल के लिए कुछ भी नहीं है। बनर्जी ने दिल्ली रवाना होने से पहले कोलकाता हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में यह भी दावा किया कि बजट में आम आदमी के लिए कुछ भी नहीं है। उन्होंने इस बजट को दिशाहीन बताया।
वहीं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बजट में भारत के सामने मौजूद वास्तविक संकटों से आंख मूंद ली गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा, 'युवाओं के पास नौकरी नहीं है, विनिर्माण गिर रहा है, निवेशक पूंजी निकाल रहे हैं, घरेलू बचत घट रही है, किसान संकट में हैं, आसन्न वैश्विक झटके, सभी को नजरअंदाज कर दिया गया।' उन्होंने दावा किया कि यह एक ऐसा बजट जिसमें चीजों को ठीक करने के बजाय वास्तविक संकटों से आंख मूंद ली गई।
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अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी का बजट, अपने कमीशन और अपने लोगों को फायदा पहुंचाने का बजट होता है। उन्होंने कहा, 'बीजेपी का बजट, भाजपाई भ्रष्टाचार का अदृश्य खाता-बही होता है।' उन्होंने दावा किया कि इस बजट में न आम जनता का जिक्र है, न फिक्र और महंगाई बेतहाशा बढ़ने पर भी इस बजट में जनता को कर में छूट न देना, 'टैक्स-शोषण' है।