logo

मूड

ट्रेंडिंग:

2 महीने में 33 हजार की गई नौकरी, टेक कंपनियों में इस साल भी जारी है छंटनी

साल 2026 में टेक कंपनियां छंटनी के साथ-साथ बड़ा बदलाव कर रही हैं। कर्मचारियों की जगह अब एआई और नई तकनीक पर भारी निवेश की पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें।

Symbolic Image, Photo Credit: Freepik

प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit: Freepik

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement
Group2

साल 2026 की शुरुआत में टेक इंडस्ट्री के हालात पिछले सालों के मुकाबले काफी बदल चुके हैं। अब यह मामला सिर्फ छंटनी तक सीमित नहीं है। अब कंपनियां पूरी तरह से 'री-स्ट्रक्चरिंग' के दौर से गुजर रही हैं। आज के समय में दुनियाभर की दिग्गज कंपनियां अपने बजट का एक बड़ा हिस्सा कर्मचारियों के सैलरी से काटकर नई टेक्नोलॉजी, खासतौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में निवेश कर रही हैं। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2026 के पहले दो महीनों में ही टेक सेक्टर में छंटनी का आंकड़ा पिछले साल की इसी गैप के मुकाबले 50% से ज्यादा बढ़ गया है। कंपनियों के लिए अब 'वर्कफोर्स' की संख्या से ज्यादा 'वर्क-एफिशिएंसी' और तकनीकी क्षमताओं को ज्यादा महत्व दिया जा रहा है।

 

ताजा रिपोर्ट्स और 'Challenger, Gray & Christmas' के डेटा के मुताबिक, साल 2026 के शुरुआती 60 दिनों में ही दुनिया भर में 33,000 से ज्यादा टेक कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जा चुका है। यह आंकड़ा 2025 के शुरुआती दौर के मुकाबले काफी डरावना है।

 

यह भी पढ़ें: कांच से लेकर सेरैमिक तक..., हर दिन 'गैसडाउन' का नुकसान झेल रही इंडस्ट्री

 

अमेज़न ने इस साल की शुरुआत में ही करीब 16,000 पदों को खत्म करने का एलान किया जबकि ओरेकल (Oracle) जैसी बड़ी क्लाउड कंपनी 30,000 तक कर्मचारियों की कटौती पर विचार कर रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस साल की लगभग 20% छंटनी का सीधा संबंध ऑटोमेशन और एआई के इस्तेमाल से है। कंपनियां अब उन रोल को खत्म कर रही हैं जो मशीनें आसानी से कर सकती हैं।

गोल्डमैन सैक्स और IMF की ताजा रिपोर्ट

गोल्डमैन सैक्स की 2026 की लेटेस्ट रिपोर्ट चेतावनी देती है कि एआई के वजह से आने वाली छंटनी का यह दौर अभी और लंबा चलेगा। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनियां अब 'ग्रोथ' के बजाय 'कॉस्ट कंट्रोल' पर फोकस कर रही हैं। वे पुराने स्किल्स वाले पदों को कम करके उस पैसे को एआई डेटा सेंटर और एडवांस कंप्यूटिंग में लगा रही हैं। दूसरी ओर आईएमएफ (IMF) ने 2026 के लिए ग्लोबल ग्रोथ का अनुमान 3.3% रखा है। एक तरफ एआई में भारी निवेश हो रहा है, तो दूसरी तरफ ट्रेडिशनल कोडिंग और एडमिनिस्ट्रेटिव रोल में नौकरियां तेजी से खत्म हो रही हैं। 

 

यह भी पढ़ें: किसी ने खूब कमाए, किसी के पैसे डूबे, बिजनेस में कितने सफल हुए बॉलीवुड के सितारे?

भारत के लिए क्या है 2026 का संकेत?

ग्लोबल लेवल पर मची इस उथल-पुथल के बीच भारत के लिए कुछ राहत भरी खबरें भी हैं। एडिक्को (Adecco) और अन्य मैनपावर रिपोर्ट के अनुसार, जहां अमेरिका और यूरोप में नौकरियां कम हो रही हैं, वहीं गूगल, अमेजन और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियां अपना काम भारत जैसे देशों में शिफ्ट कर रही हैं।

 

2026 में भारत के टेक जॉब मार्केट में 12-15% की बढ़त की उम्मीद है। हालांकि यहां भी एक पेंच  है। अब नौकरियां सिर्फ उन्हीं को मिल रही हैं जिनके पास एआई, क्लाउड कंप्यूटिंग और साइबर सिक्योरिटी जैसे 'नेक्स-जेन' स्किल्स हैं। सिंपल सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट या टेस्टिंग जैसे पुराने कामों के लिए अब कंपनियों में जगह कम होती जा रही है।


और पढ़ें