वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यूनियन बजट 2026 पेश किया। इस बजट में चुनाव वाले राज्यों के लिए बड़े-बड़े एलान नहीं किए गए, लेकिन कई महत्वपूर्ण विकास योजनाओं में इन राज्यों को शामिल किया गया है। इस साल पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव होने हैं।
बजट में इन राज्यों के लिए कुछ खास बातें हैं, जैसे रेयर अर्थ कॉरिडोर, हाई-स्पीड रेल नेटवर्क, फ्रेट कॉरिडोर और पर्यटन से जुड़े प्रोजेक्ट। ये योजनाएं इन राज्यों के विकास, रोजगार और इकोनॉमी को मजबूत बनाने में मदद करेंगी। जैसे- पश्चिम बंगाल के लिए कई इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट हैं। दानकुनी (पश्चिम बंगाल) से सूरत (गुजरात) तक नया डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनाया जाएगा। इससे पूर्वी भारत के उद्योगों का लॉजिस्टिक्स खर्च कम होगा और सामान की ढुलाई आसान और पर्यावरण के अनुकूल होगी।
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पूर्वोदय विजन का हिस्सा
एक और बड़ा एलान है इंटीग्रेटेड ईस्ट कोस्ट इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, जिसमें दुर्गापुर को अच्छी तरह जुड़ा इंडस्ट्रियल नोड बनाया जाएगा। यह 'पूर्वोदय' विजन का हिस्सा है, जो पूर्वी भारत में इंडस्ट्री को बढ़ावा देगा। पर्यटन के लिए 'पूर्वोदय' राज्यों में 5 नए टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाए जाएंगे, जिसमें पश्चिम बंगाल शामिल है। साथ ही 4,000 इलेक्ट्रिक बसों की व्यवस्था होगी।
रेल कनेक्टिविटी के लिए 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में से एक वाराणसी से सिलीगुड़ी (उत्तर बंगाल) तक होगा। इससे यात्रा का समय कम होगा और उत्तर बंगाल का बाकी देश से जुड़ाव मजबूत होगा। लेकिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बजट को 'दिशाहीन और विजनलेस' बताया। उन्होंने कहा कि आम आदमी और बंगाल के लिए कुछ नहीं है।
तमिलनाडु में रेल लिंक
तमिलनाडु को चेन्नई के लिए हाई-स्पीड रेल लिंक मिला। हैदराबाद-चेन्नई और चेन्नई-बेंगलुरु भी 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में शामिल हैं। पोधिगाई मलै (वेस्टर्न घाट्स) में इकोलॉजिकली सस्टेनेबल माउंटेन ट्रेल बनाया जाएगा। पुलीकट झील के किनारे बर्ड वॉचिंग ट्रेल भी बनेगी, जो तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश दोनों को कवर करेगी।
रेयर अर्थ कॉरिडोर में तमिलनाडु शामिल है, जो माइनिंग, प्रोसेसिंग और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देगा। आदिचनल्लूर पुरातात्विक स्थल को विकसित कर अनुभवपूर्ण सांस्कृतिक डेस्टिनेशन बनाया जाएगा, जहां वॉकवे, इंटरप्रिटेशन सेंटर और गाइड होंगे। तमिलनाडु के मंदिरों और तीर्थ स्थलों को भी इन योजनाओं से फायदा होगा।
केरल रेयर अर्थ कॉरिडोर
केरल को रेयर अर्थ कॉरिडोर और 'टर्टल ट्रेल्स' में शामिल किया गया। टर्टल ट्रेल्स तटीय इलाकों में कछुओं के नेस्टिंग साइट्स पर बनेंगी, जो संरक्षण और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देंगी।
लेकिन केरल को ज्यादा कुछ नहीं मिला। हाई-स्पीड रेल में शामिल नहीं किया गया, जबकि पड़ोसी राज्य तमिलनाडु, कर्नाटक और तेलंगाना शामिल हैं।
केरल की LDF और UDF सरकारों ने बजट की आलोचना की। शशि थरूर ने कहा कि आयुर्वेद इंस्टीट्यूट का जिक्र है लेकिन जगह नहीं बताई गई। नारियल और काजू पर बात हुई लेकिन केरल का नाम नहीं लिया गया।
असम के लिए एलान
असम को बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास से फायदा होगा। एमएसएमई पर फोकस से छोटे-मध्यम उद्योगों को मदद मिलेगी। बौद्ध सर्किट का एलान हुआ, जिसमें असम, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा शामिल हैं। इसमें मंदिर-मठों का संरक्षण, पिलग्रिम सेंटर और कनेक्टिविटी होगी।
'पूर्वोदय' राज्यों में 5 टूरिज्म डेस्टिनेशन बनेंगे। तेजपुर के नेशनल मेंटल हेल्थ इंस्टीट्यूट को रीजनल एपेक्स इंस्टीट्यूशन बनाया जाएगा। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बजट की तारीफ की। उन्होंने कहा कि शेल्फ-हेल्प मार्ट्स, स्किलिंग और कैपिटल इन्वेस्टमेंट से असम को बहुत फायदा होगा।
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कुल मिलाकर, बजट में चुनावी राज्यों के लिए कोई बड़ा पॉपुलिस्ट एलान नहीं है, लेकिन लंबे समय के विकास प्रोजेक्ट्स से इन राज्यों को फायदा होगा। इस तरह से बीजेपी ने सीधे तौर पर राज्यों के लिए कुछ एलान नहीं किया है लेकिन इस तरह से बीजेपी को चुनावों में लाभ मिल सकता है।