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LLB के बाद कैसे बनें वकील? जानिए बार काउंसिल से कैसे मिलेगा लाइसेंस

LLB करने के बाद कोर्ट में प्रैक्टिस करने के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया से सर्टिफिकेट लेना जरूरी होता है। इसके लिए AIBE एग्जाम देना होता है।

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सांकेतिक तस्वीर, Photo Credit: Freepik

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वकील बनने के लिए LLB की डिग्री होना जरूरी है। 12वीं और ग्रेजुएशन के बाद हर साल लाखों बच्चे वकील बनने के लिए अलग-अलग शिक्षण संस्थानों में एडमिशन लेते हैं। कई लोगों को यह लगता है कि LLB की डिग्री मिल जाने के बाद वह कोर्ट में जाकर प्रैक्टिस कर सकते हैं लेकिन ऐसा नहीं है। LLB की डिग्री वकील बनने के लिए जरूरी है लेकिन अगर आप कोर्ट में प्रैक्टिस करना चाहते हैं तो आपको बार काउंसिल ऑफ इंडिया से मान्यता लेनी होती है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया जब तक आपको लाइसेंस जारी नहीं करती तब तक आप सिर्फ लॉ ग्रेजुएट होते हैं और बार काउंसिल से लाइसेंस बनने के बाद ही आप वकील बनते हैं।

 

LLB की डिग्री पूरी करने के बाद वकील बनने के लिए आपको अखिल भारतीय बार परीक्षा (AIBE) पास करनी होती है। इस परीक्षा को पास करने के बाद अपने राज्य की बार काउंसिल में अपना रजिस्ट्रेशन करवाना होता है। रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद आपको बार काउंसिल लाइसेंस दे देगा, जिसके बाद आप कानूनी तौर पर वकील बन जाते हो और कोर्ट में प्रैक्टिस भी कर सकते हो। LLB के बाद बार काउंसिल के एग्जाम के बारे में छात्रों में असमंजस की स्थिति होती है। ऐसे में इस एग्जाम को पास करने, रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस प्रक्रिया के बारे में जानकारी होना बहुत जरूरी है। 

 

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बार काउंसिल एग्जाम

अखिल भारतीय बार परीक्षा (AIBE) बार काउंसिल ऑफ इंडिया करवाती है। इस परीक्षा में यह जांचा जाता है कि उम्मीदवार को कानून की बेसिक नोलेज है। इस परीक्षा में भाग लेने के लिए आपके पास बार काउंसिल ऑफ इंडिया से मान्यता प्राप्त किसी भी संस्थान से लॉ (5 साल या 3 साल) की डिग्री होनी चाहिए। लॉ डिग्री में न्यूनतम मार्क्स की कोई शर्त नहीं है लेकिन बार काउंसिल से सर्टिफिकेट लेने के लिए AIBE में जनरल, ओबीसी कैंडिडेट्स के लिए पासिंग पर्सेंटेज 45 प्रतिशत और एससी, एसटी उम्मीदवारों के लिए 40 प्रतिशत मार्क्स होने जरूरी हैं। किसी भी उम्र का व्यक्ति यह परीक्षा दे सकता है। 

 

यह परीक्षा हर साल होती है और इसके लिए जनरल और ओबीसी कैटेगरी के उम्मीदरों को 3,560 रुपये और एससी/एसटी कैटेगरी के उम्मीदवारों को 2,560 रुपये फीस देनी होती है। सुप्रीम कोर्ट में इस फीस के खिलाफ याचिका दायर की गई थी लेकिन कोर्ट ने इस पर रोक लगाने से मना कर दिया। देशभर के 40 शहरों में और 11 भाषाओं में यह परीक्षा होती है।

 

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परीक्षा पैटर्न

इस परीक्षा में 100 प्रश्न पूछे जाते हैं और यह पेन- एंड-पेपर मोड में होती है। इस परीक्षा में 1-1 नंबर के 100 प्रश्न पूछे जाते हैं। इसमें कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं होती और परीक्षा के लिए 3 घंटे 30 मिनट का समय मिलता है। यह ओपन बुक परीक्षा है और इसमें बिना नोट्स के बेयर एक्ट परीक्षा में ले जा सकते हैं। इसमें ज्यादातर प्रश्न लॉ ग्रेजुएशन के सब्जेक्ट्स से ही पूछे जाते हैं। इसमें संवैधानिक कानून, आपराधिक कानून, पारिवारिक कानून समेत 19 सब्जेक्ट होते हैं। परीक्षा पास करने के लिए ओबीसी कैंडिडेट्स के पासिंग पर्सेंटेज 45 प्रतिशत और एससी, एसटी उम्मीदवारों के लिए 40 प्रतिशत हैं।

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