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बथनाहा विधानसभा सीट: BJP लगाएगी जीत का चौका या पलटेगी बाजी?

बिहार की बथनाहा सीट पर लगातार तीन चुनाव से बीजेपी जीत रही है। इस बार बीजेपी यहां जीत का चौका लगाने के इरादे से उतरेगी।

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बथनाहा विधानसभा सीट, Photo Credit- KhabarGaon

बिहार के सीतामढ़ी जिले की बथनाहा सीट अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है। शुरुआत में यह सामान्य सीट हुआ करती थी लेकिन 2010 में SC के लिए आरक्षित कर दिया गया। इस सीट पर पहली बार 1967 में विधानसभा चुनाव हुए थे। शुरुआत में कांग्रेस का यहां एकछत्र राज हुआ करता था।

 

यहां बिजली एक बड़ी समस्या है। साथ ही किसानों के लिए सिंचाई के पानी की परेशानी भी यहां अक्सर होती रहती है। यह सीट नेपाल की सीमा से काफी नजदीक है।

मौजूदा समीकरण

अनुमान है कि बथनाहा में करीब 40 फीसदी दलित आबादी है। इनके अलावा 13 फीसदी सवर्ण और 19 फीसदी वैश्य हैं। इस सीट पर लगभग 8 फीसदी मुस्लिम आबादी है। इस सीट पर कभी कांग्रेस का राज हुआ करता था लेकिन पिछले तीन चुनाव से यहां बीजेपी जीत रही है। यहां बीजेपी की पकड़ काफी मजबूत मानी जाती है। हालांकि, लगातार 3 बार से चुनाव जीतने के कारण एंटी-इन्कंबैंसी फैक्टर भी यहां काम कर सकता है।

 

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2020 में क्या हुआ था?

2020 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी अनिल कुमार को टिकट दिया था। अनिल कुमार ने कांग्रेस के संजय राम को करीब 47 हजार वोटों के अंतर से हराया था। अनिल कुमार को 54 फीसदी से ज्यादा वोट मिले थे।

विधायक का परिचय

2020 में अनिल कुमार ने पहली बार चुनाव लड़ा था और पहली ही बार में बड़ी जीत हासिल की थी। राजनीति में आने से पहले अनिल कुमार नौकरी करते थे। उन्होंने झारखंड सरकार में डिजाइनर इंजीनियर के पद पर काम किया था। इससे पहले रिलायंस इंडस्ट्रीज में भी उन्होंने काम किया था।

 

इतना ही नहीं, अनिल कुमार ने 2017 में BPSC की परीक्षा भी दी थी। 2021 में इसका रिजल्ट आया था। उन्होंने BPSC की असिस्टेंट इंजीनियरिंग की मेंस परीक्षा पास कर ली थी।

 

अनिल कुमार उन विधायकों में हैं, जो अपनी सादगी के लिए जाने जाते हैं। 2020 के चुनाव के वक्त दाखिल हलफनामे में अनिल कुमार ने अपने पास 11.80 लाख रुपये की संपत्ति बताई थी।

 

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विधानसभा का इतिहास

1967 में यहां पहली बार विधानसभा चुनाव हुए थे। उस चुनाव में यहां से संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के मोहन लाल शर्मा ने जीत हासिल की थी। इसके बाद 1967 से 1985 तक यहां कांग्रेस उम्मीदवार की ही जीत हुई। 1990 के चुनाव में जनता दल उम्मीदवार सूर्यदेव राय ने कांग्रेस के विजय रथ को रोका। पिछले तीन चुनाव से यहां बीजेपी जीत रही है।

  • 1967: मोहन लाल शर्मा (संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी)
  • 1969: राम बहादुर सिंह (कांग्रेस)
  • 1972: पतूरी सिंह (कांग्रेस)
  • 1977: सूर्यदेव राय (कांग्रेस)
  • 1980: सूर्यदेव राय (कांग्रेस)
  • 1985: राम निवास (कांग्रेस)
  • 1990: सूर्यदेव राय (जनता दल)
  • 1995: सूर्यदेव राय (जनता दल)
  • 2000: सूर्यदेव राय (आरजेडी)
  • 2005: नगिना देवी (एलजेपी)
  • 2005: नगिना देवी (एलजेपी)
  • 2010: दिनकर राम (बीजेपी)
  • 2015: दिनकर राम (बीजेपी)
  • 2020: अनिल कुमार (बीजेपी)


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