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BJP केजरीवाल पर बैन लगाने की EC से मांग क्यों कर रही?

यमुना नदी पर बयानबाजी के बीच बीजेपी ने चुनाव आयोग से मुलाकात की है। बीजेपी ने कहा है कि केजरीवाल द्वारा भ्रामक दावे करने पर तुरंत रोक लगनी चाहिए।

BJP leader nayab singh saini and nirmala sitharaman । Photo Credit: PTI

बीजेपी नेता निर्मला सीतारमण और नायब सिंह सैनी । Photo Credit: PTI

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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर एक खतरनाक बयान देने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसका भारत के संघीय ढांचे पर बहुत बुरा असर पड़ सकता है। भाजपा ने चुनाव आयोग से मांग की कि वह केजरीवाल को उनके इस दावे का प्रचार करने से रोके कि हरियाणा सरकार जानबूझकर यमुना के पानी को जहरीला बना रही है।

 

केजरीवाल ने सोमवार कहा था कि हरियाणा की बीजेपी सरकार यमुना में 'जहर' घोल रही है।

 

केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, भूपेंद्र यादव, दिल्ली भाजपा प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सहित भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग के तीनों सदस्यों से मुलाकात की। 

चुनावी राजनीति के लिए खतरनाक

प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से आग्रह किया कि वह केजरीवाल से उनके बयान को वापस लेने और लोगों में दहशत पैदा करने के लिए माफी मांगने को कहे। भाजपा ने आप नेता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की भी मांग की।

 

भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने केजरीवाल के आरोपों की आलोचना करते हुए कहा कि संघर्ष के समय पाकिस्तान भी भारत के खिलाफ ऐसे आरोप नहीं लगाता। उन्होंने कहा, 'केजरीवाल ने अपनी विफलताओं से ध्यान हटाने और दिल्ली विधानसभा चुनावों में अपनी पार्टी की आगामी हार को छिपाने के लिए निचले स्तर का दावा किया है।'

 

सीतारमण ने भी केजरीवाल की टिप्पणी की निंदा की। उन्होंने पूछा, 'देश में एक पूर्व मुख्यमंत्री दूसरे मुख्यमंत्री पर ऐसे कृत्य का आरोप कैसे लगा सकता है जिसे कहीं न कहीं 'जीनोसाइड' से जोड़ा जा सकता है?" 

 

 

सीतारमण ने कहा, 'केजरीवाल ने जो कहा है वह अनुचित, गैरजिम्मेदाराना और चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है।'

 

सीतारमण ने इस बात पर जोर दिया कि केजरीवाल का बयान भारत के संघीय ढांचे और चुनावी राजनीति के लिए खतरनाक है। उन्होंने कहा, 'यह उनके लिए खतरनाक नहीं है, जो खुद को अराजकतावादी कहते हैं। उनके लिए गैर-जिम्मेदाराना बातें करना आसान है। उन्होंने जो कहा है, उससे दिल्ली के लोगों के मन में डर पैदा हो गया है।'

अमित शाह ने दिया चैलेंज

वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अरविंद केजरीवाल पर झूठी बातें फैलाने का आरोप लगाते उन्हें दिल्ली जल बोर्ड की रिपोर्ट को सार्वजनिक करने को कहा।

 

दिल्ली के कालकाजी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल के पास हिम्मत है तो बताएं कि यमुना में मिलाए जाने वाले जहर का नाम बताएं।

 

उन्होंने कहा कि राजनीति इससे ज्यादा गंदी नहीं हो सकती है।

क्या कहा था दिल्ली जलबोर्ड ने

वहीं दिल्ली जलबोर्ड की सीईओ शिल्पा शिंदे ने सोमवार को कहा था कि केजरीवाल के दावे में कोई भी सच्चाई नहीं है और यह 'तथ्यात्मक रूप से गलत व भ्रामक' है। दिल्ली चीफ सेक्रेटरी को लिखे एक पत्र में उन्होंने कहा था कि इस तरह के बयान दिए जाने से बचना चाहिए जो कि अतर-राज्यीय संबंधों को बिगाड़ सकते हैं और लोगों के आत्मविश्वास में कमी ला सकते हैं।

 

यह भी पढे़ंः दिल्ली में बीजेपी के सुर से सुर मिलाती क्यों दिख रही कांग्रेस?

 

 


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