logo

मूड

दार्जीलिंग: 2021 में BJP ने किया था TMC का सफाया, इस बार कौन मारेगा बाजी?

दार्जीलिंग जिले में भारतीय जनता पार्टी काफी मजबूत है। बीजेपी ने 2021 के विधानसभा चुनाव में यहां की सभी सीटें जीत ली थीं, इसके बाद पार्टी ने 2024 का लोकसभा चुनाव भी जीता।

Darjeeling district

दार्जीलिंग जिला। Photo Credit- Khabargaon

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

दार्जीलिंग पश्चिम बंगाल का सबसे खूबसूरत जिला और शहर है। यहां देश और विदेश से लोग घूमने के लिए आते हैं। ऊंचे-ऊंचे पहाड़ों के बीच बसा दार्जिलिंग से चमकता हुआ कंचनजंगा दिखाई देता है, जो अपने नजारों के लिए मशहूर है। साथ ही यह अपनी चाय, प्राकृतिक सुंदरता और औपनिवेशिक इतिहास के लिए जाना जाता है। यहां से हिमालयन रेंज दिखती है, यही वजह है कि इसे पहाड़ों की रानी कहा जाता है। वर्तमान में दार्जिलिंग चाय, सागौन, टूरिज्म, टॉय ट्रेन, टाइगर हिल और ट्रेकर्स के लिए जाना जाता है। जिले की सीमा सिक्किम, नेपाल, बांग्लादेश और अन्य पश्चिम बंगाल जिलों से घिरा है।

 

दार्जिलिंग में रेलवे की टॉय ट्रेन चलती है, जो एक यूनेस्को विश्व धरोहर में शामिल है। हालांकि, जिले का विकास दार्जिलिंग जिला प्रसाशन करता है। दार्जिलिंग अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर यहां की दार्जिलिग चाय के लिए प्रसिद्ध है। दार्जिलिंग की चाय की खेती 1856 से शुरु हुई थी, जो अब यहां और राज्य की अर्थव्यवस्था का मुख्य स्रोत है। यहां के चाय उत्पादकों ने काली चाय और फर्मेण्टिड प्रविधि का एक मिश्रण तैयार किया है जो कि दुनिया में सबसे बेस्ट माना जाता है।

दार्जीलिंग जिला पहाड़ी और मैदानी भागों में बंटा है। यहां की मुख्य नदियां तीस्ता, रंगीत, मेची, बलासन और महानंदा हैं। यहां का मौसम आमतौर पर ठंडा रहता है।

दार्जिलिंग का इतिहास 

दार्जिलिंग नगर हिमालय के पूर्वी भाग में मेची और तीस्ता नदियों के बीच में बया हुआ है। दार्जिलिंग का इतिहास इसके पड़ोस में स्थित नेपाल, भूटान, सिक्किम और बंगाल राज्यों के इतिहास से जुडा हुआ है। 18वीं शताब्दी में, यह स्थनीय राज्यों के सीमा क्षेत्र का हिस्सा था जिस पर आसपास के सभी राज्यों की नजर रहती थी। यहां सिक्किम के चोग्याल राजा राज था। यहां कुछ समय के लिए नेपाल के गोरखा राजाओं ने भी राज किया। ऐसे में यहां सिक्किम, बंगाली, नेपाली और भूटान की संस्कृतियों का असर दिखाई देता है।

 

यह भी पढ़ें: दक्षिण दिनाजपुर: 6 सीटों में से 3-3 पर TMC-BJP का कब्जा, कौन मारेगा बाजी?

जिले की तहसील और ब्लॉक

दार्जिलिंग जिले को चार सब-डिवीजन में बांटा गया है। यह दार्जिलिंग सदर, कुर्सियांग, मिरिक और सिलीगुड़ी हैं। दार्जिलिंग सदर जिले का हेडक्वार्टर है। सिलीगुड़ी सब-डिवीजन चारों सब-डिवीजन में सबसे बड़ा है और कुर्सियांग सबसे छोटा है। इसके अलावा दार्जिलिंग में कुल 9 ब्लॉक हैं। 

जिले की विधानसभा सीटें

दार्जिलिंग जिले में कुल 5 विधानसभा सीटे हैं। ये विधानसभा सीटें दार्जिलिंग, कुर्सियांग, माटीगाड़ा नक्सलबाड़ी, सिलीगुड़ी, फांसीदेवा हैं। यह सभी विधानसभा सीटें दार्जिलिंग लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा हैं। पिछले 2021 के चुनाव में यहां बीजेपी ने सभी सीटें जीत ली थीं। बीजेपी ने एकतरफा, टीएमसी, कांग्रेस और लेफ्ट दलों को हराकर परचम लहराया था।  इसमें खास बात यह रही कि सभी विधानसभाओं में बीजेपी के उम्मीदवार बड़े वोटों के मार्जिन से चुनाव जीते थे। इस बार के चुनाव में बीजेपी का मुख्य मुकाबला मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के होगा।

दार्जिलिंग की भाषा 

दार्जिलिंग में मुख्य रूप से हिंदू और मुस्लिम आबादी रहती हैं। यहां 76 फीसदी हिंदू और 9 फीसदी बौद्ध धर्म के लोग रहते हैं। इसके अलावा यहां 6-6 फीसदी मुस्लिम और ईसाई धर्म के लोग भी लोग रहते हैं।  यहां 39 फीसदी लोग नेपाली, 26 फीसदी बंगाली  और 10 फीसदी लोग हिंदी भाषा बोलते हैं।

 

यह भी पढ़ें: कूच बिहार: बंगाल में BJP के गढ़ वाला जिला, TMC के लिए चुनौती

धार्मिक स्थल

दार्जिलिंग में धीरधाम मंदिर, सेंट एंड्रयू चर्च, ऑब्जर्वेटरी हिल और महाकाल मंदिर, जापानी मंदिर, जैसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थल हैं।

सामाजिक ताना बाना

साल 2011 की जनगणना के मुताबिक दार्जिलिंग की कुल जनसंख्या     1,595,181 है। यहां 1000 पुरुषों में 973 महिलाएं हैं। अगर सामाजिक ताने-बाने की बात करें तो दार्जिलिंग में मुख्य आबादी हिंदूओं, बौद्ध, ईसाइयों और इस्लाम को मानने वाले लोगों की है।

दार्जिलिंग में कौन मजबूत

2021 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 5 में से सभी विधानसभा सीटों पर कब्जा जमाया था। बीजेपी के लिए पश्चिम बंगाल में दार्जिलिंग वह जिला बन गया है, जहां भगवा पार्टी बेहत मजबूत स्थिती में है। यही नहीं दार्जिलिंग में 2009 से लगातार बीजेपी सांसदी का चुनाव जीतती आ रही है। पिछले दो बार से यहां से राजू बिस्टा चुनाव जीत रहे हैं। इस लिहाज से इस बार के विधानसभा चुनाव में बीजेपी का पलड़ा टीएमसी से भारी माना जा रहा है।

जिले की स्थिति

क्षेत्रफल- 3,149 वर्ग किलोमीटर
साक्षरता दर- 79.56%
विधानसभा सीटें- 05
नगर निगम- 1
ब्लॉक- 11


और पढ़ें