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वोटिंग में तमिलनाडु से आगे कैसे निकला पश्चिम बंगाल? आंकड़ों से समझिए

पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनावों के लिए मतदान 23 अप्रैल को हुआ था। पश्चिम बंगाल वोटिंग में आगे निकल गया।

West Bengal

पश्चिम बंगाल में मतदान। Photo Credit: ECI/X

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पश्चिम बंगाल के पहले चरण में 152 सीटों पर रिकॉर्ड 92 प्रतिशत के करीब मतदान हुआ, जबकि तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर 85 प्रतिशत से ज्यादा वोटिंग दर्ज की गई। दोनों राज्यों में यह मतदान प्रतिशत आजादी के बाद का सबसे ज्यादा है। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि मतदान ज्यादातर शांतिपूर्ण रहा। 

पश्चिम बंगाल में कई जगहों पर हिंसा हुई है। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद, दक्षिण दिनाजपुर, आसनसोल और कूचबिहार में कुछ जगहों पर हिंसा की छिटपुट घटनाएं हुईं, लेकिन कोई बड़ी घटना या गंभीर चोट नहीं आई। ऑ

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तमिलनाडु में कितनी वोटिंग हुई?

तमिलनाडु में कुल 5.73 करोड़ मतदाताओं में से करीब 4.88 करोड़ लोगों ने वोट डाले। राज्य में सबसे ज्यादा मतदान वीरापांडी विधानसभा क्षेत्र में 93.41 प्रतिशत हुआ, जबकि सबसे कम पालयमकोट्टई में 68.97 प्रतिशत रहा। 

पश्चिम बंगाल में कैसी वोटिंग हुई?

पश्चिम बंगाल के पहले चरण में 3.6 करोड़ मतदाताओं में से करीब 3.32 करोड़ ने वोटिंग की। यहां मुराराई में सबसे ज्यादा 96.95 प्रतिशत और मेखलीगंज में सबसे कम 82.12 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

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पुरुषों से ज्यादा महिलाओं ने की वोटिंग

दोनों राज्यों में महिला मतदाताओं ने पुरुषों से ज्यादा उत्साह दिखाया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, 'पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में आजादी के बाद का सबसे ऊंचा मतदान प्रतिशत दर्ज किया गया। चुनाव आयोग हर वोटर का अभिनंदन करता है।'

बंपर वोटिंग पर नेताओं ने क्या कहा है?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नदिया जिले में रैली के दौरान कहा कि इतना ऊंचा मतदान प्रतिशत दिखाता है कि लोग बदलाव चाहते हैं और बीजेपी की जीत तय है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में कहा कि वोटर लिस्ट से नाम कटने के बावजूद इतनी भारी मतदान से साफ है कि लोग लोकतंत्र बचाने के लिए लड़ रहे हैं।

तृणमूल कांग्रेस पहले ही जीत चुकी है। तमिलनाडु में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ डीएमके गठबंधन और एआईएडीएमके-बीजेपी गठबंधन के बीच है। अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके तीसरी ताकत बनने की कोशिश कर रही है। 

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कैसा रहा चुनाव?

चुनाव आयोग के अनुसार, दोनों राज्यों में मतदान के दौरान कुछ शिकायतें आईं, लेकिन कुल मिलाकर प्रक्रिया चलती रही। मतगणना 4 मई को होगी। यह रिकॉर्ड मतदान इसलिए भी खास है क्योंकि दोनों राज्यों में वोटर लिस्ट की स्पेशल इंटेंसिव रिपोर्ट (SIR) में करीब 11.6 प्रतिशत नाम कटे थे, फिर भी वोटिंग प्रतिशत पिछले चुनावों से ज्यादा रहा।


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