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केसी वेणुगोपाल के लिए हो रही केरल में बैटिंग, खेमें में बंटे कांग्रेस नेता

केरल में विधानसभा के परिणाम आने के पहले ही कांग्रेस के नेता मुख्यमंत्री पद को लेकर बयानबाजी करने लगे हैं।

KC Venugopal

केसी वेणुगोपाल। Photo Credit (@kcvenugopalmp)

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केरल विधानसभा चुनाव के लिए 9 अप्रैल को वोटिंग हो चुकी है। अब सभी दलों को 4 मई की उस घड़ी का इंतजार है, जब राज्य में तय हो जाएगा कि किसकी सरकार बनेगी। राज्य में मुख्य मुकाबला लेफ्ट के नेतृत्व वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) के बीच है। इस मुकाबले में बीजेपी नेतृत्व वाला एनडीए केरल में अपनी उपस्थिती मजबूत करने के लिए मेहनत कर रहा है। मगर, इस बार कांग्रेस के वाले यूडीएफ को केरल में सरकार बनाने की पूरी उम्मीद है। यह वजह है कांग्रेस अभी से अपने मुख्यमंत्री का चेहरा ढूंढने लगी है।

 

हालांकि, मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर कांग्रेस आलाकमान नहीं बल्कि केरल कांग्रेस के नेता ही उत्साहित हैं। राज्य स्तर के बड़े नेता खुद मुख्यमंत्री नहीं बनने की स्थिती में बीच का रास्ता तलाश रहे हैं, जिससे पार्टी हाईकमान में नाराजगी ना फैले। यही वजह है कि केरल कांग्रेस के सबसे नेताओं में से एक पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल को राज्य का मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर रहे हैं।

 

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वेणुगोपाल के नाम की पैरवी

केरल चुनाव के नतीजे 4 मई को आएंगे लेकिन अभी से कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद की दावेदारी को लेकर बहस शुरू हो गई है। केरल कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और पार्टी के सीनियर नेता के. सुधाकरन ने दबे मुंह मुख्यमंत्री के लिए केसी वेणुगोपाल के नाम की पैरवी की है। वेणुगोपाल के नेतृत्व की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि केरल के सर्वोच्च पद के लिए उनसे बेहतर कोई और हो ही नहीं सकता। हालांकि, उन्होंने अपने बयान में मुख्यमंत्री पद का नाम नहीं लिया।

मुख्यमंत्री पद को लेकर दावेदारी तेज

केरल में 140 विधानसभा सीटों के लिए एक ही चरण में 9 अप्रैल को 77.7 फीसदी वोटिंग हुई थी। कांग्रेस को उम्मीद है कि वह अपने सहयोगी दलों को साथ लेकर  पिनाराई विजयन की 10 साल पुरानी एलडीएफ सरकार को हराने में कामयाबी हासिल करेगी। यही वजह है कि कांग्रेस में अभी से ही मुख्यमंत्री पद को लेकर दावेदारी तेज हो गई है।

 

के. सुधाकरन ने आगे केसी वेणुगोपाल को एक लेख लिखा है। उन्होंने केरल के अगले मुख्यमंत्री के रूप में उनका समर्थन करते हुए कहा कि वेणुगोपाल किस तरह के. करुणाकरण, एके एंटनी, ओमन चांडी जैसे नेताओं की राह पर चलते हुए पार्टी के अगले बड़े नेता बन सकते हैं।

 

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सुधाकरन-सतीशन के बीच खिंचतान?

सुधाकरन ने लेख में लिखा, केसी वेणुगोपाल कांग्रेस के निर्विवाद संगठनकर्ता और मजबूत नेता रहे हैं. उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाकर राहुलजी का हाथ मजबूत किया है. हाल के विधानसभा चुनावों ने फिर साबित किया है कि केरल की राजनीति में उनकी मौजूदगी कितनी जरूरी है। उन्होंने पूरे केरल से कार्यकर्ताओं को संगठित कर पार्टी की जीत के पीछे प्रेरक शक्ति के रूप में काम किया है। यह एक नेता की संगठनात्मक क्षमता का सबूत है। वेणुगोपाल की खुलकर तारीफ करते हुए उन्होंने कहा, आज केरल को ऐसे दूरदर्शी नेतृत्व की जरूरत है।

 

दरअसल, के. सुधाकरन का यह बयान उनके कद के नेता और केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीशन के काउंटर में देखा जा रहा है। सुधाकरन जब केरल कांग्रेस के अध्यक्ष थे, तो उस दौरान उनके वीडी सतीशन के साथ अच्छे संबंध नहीं थे। ऐसे में उनका बयान बेहद अहम हो जा रहा है क्योंकि सतीशन भी केरल के मुख्यमंत्री पद की रेस में माने जा रहे हैं। वीडी सतीशन कांग्रेस हाई कमान के निर्देश पर केरल में पार्टी के लिए कई यात्राएं निकाल चुके हैं। ऐसे में उनपर राहुल गांधी की भी नजर है।


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