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रवि किशन के रोड शो में बवाल, हावड़ा में भिड़े TMC-BJP समर्थक

पश्चिम बंगाल में मतदान का दूसरा चरण 29 अप्रैल को होना है। इससे पहले, हावड़ा में रवि किशन के रोड शो के दौरान BJP और TMC के समर्थकों के बीच झड़प हो गई।

TMC BJP supporters clash in Howrah

रोड शो के दौरान भाजपा सांसद रवि किशन, Photo Credit: PTI

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के मतदान से पहले चुनावी तपिश अपने चरम पर पहुंच गई है। हावड़ा और उत्तर 24 परगना के हरुआ इलाकों में राजनीतिक दलों के बीच हिंसक झड़पें होने से माहौल तनावपूर्ण हो गया है। हावड़ा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के समर्थकों के बीच नारों की ऐसी जंग छिड़ी कि नौबत हाथापाई तक पहुंच गई, जिसे काबू करने के लिए सुरक्षा बलों को बल प्रयोग करना पड़ा। हावड़ा में तो एक रोड शो को रवि किशन नेतृत्व कर रहे थे।

 

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में कुल 294 सीटों पर वोटिंग होनी है। इनमें से 23 अप्रैल को 152 सीटों पर मतदान हो चुका है। अब दूसरा चरण 29 अप्रैल को होगा, जिसमें बाकी 142 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। बता दें कि इस चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।

 

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यह बवाल उस समय शुरू हुआ जब उत्तर हावड़ा से BJP उम्मीदवार उमेश राय के समर्थन में एक रोड शो निकाला जा रहा था। जैसे ही अभिनेता और सांसद रवि किशन के नेतृत्व वाला यह काफिला जीटी रोड पर TMC कार्यालय के पास पहुंचा, दोनों ओर से नारेबाजी शुरू हो गई। TMC समर्थकों के 'जय बांग्ला' के जवाब में BJP कार्यकर्ताओं ने 'जय श्रीराम' के नारे लगाए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि केंद्रीय बलों को लाठीचार्ज कर स्थिति संभालनी पड़ी। हालांकि, झड़प के समय रवि किशन का काफिला उस स्थान से आगे निकल चुका था।

हरुआ में सब-इंस्पेक्टर घायल

हिंसा की दूसरी बड़ी घटना उत्तर 24 परगना के हरुआ में हुई। यहां इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) के नेता नौशाद सिद्दीकी की रैली से लौट रहे समर्थकों और TMC कार्यकर्ताओं के बीच भिड़ंत हो गई। आरोप है कि TMC समर्थकों द्वारा कसे गए तंज के बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। इस झड़प को शांत कराने की कोशिश में एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर भी घायल हो गए। ISF और TMC दोनों ने ही अपने-अपने कार्यकर्ताओं के घायल होने का दावा किया है।

 

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पहले चरण में हुआ रिकॉर्ड मतदान

चुनाव आयोग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, पहले चरण में राज्य में 93.19 प्रतिशत रिकॉर्ड मतदान हुआ है। आयोग का दावा है कि आजादी के बाद देश में किसी भी राज्य में हुआ यह सबसे अधिक मतदान प्रतिशत है। कूचबिहार जिला 96.2% वोटिंग के साथ सबसे आगे रहा, जबकि कालिम्पोंग में सबसे कम 83.04% मतदान दर्ज किया गया। पहले चरण के 3.67 करोड़ पात्र मतदाताओं में से 3.36 करोड़ से ज्यादा लोगों ने वोट डाले। इसमें महिलाओं की भागीदारी भी जबरदस्त रही और 1.60 करोड़ से ज्यादा महिला मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।


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