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जुबिन गर्ग आइलैंड, गूगल मैप्स पर आ रहा नजर, प्रशंसकों ने क्या कर दिया?

सिंगापुर के जिस आइलैंड में जुबिन गर्ग की मौत हुई थी, गूगल मैप पर वह जगह जुबिन गर्ग आइलैंड के तौर पर लोगों ने मार्क कर दिया है।

Zubin Garg Iceland

जुबिन गर्ग। (Photo Credit: Zubin Garg/FB)

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देश के लोकप्रिय गायक, जुबिन गर्ग अब इस दुनिया में नहीं हैं। सिंगापुर में स्कूल डाइविंग करते वक्त उन्हें सांस लेने में कुछ तकलीफ हुई थी, जिसके बाद उनकी मौत हो गई थी। न सीपीआर काम आया, न ही सिंगापुर के महंगे अस्पताल। देश ने अपने लोकप्रिय सितारे को खो दिया। जिस जगह उनकी मौत हुई है, उसे अब दुनिया उनके नाम से जानेगी।

जुबिन गर्ग की मौत की जांच चल रही है, कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है। जब उनका शव असम पहुंचा तो लाखों की संख्या में उनके प्रशंसक उमड़ पड़े। पूरे पू्र्वोत्तर से उन्हें अंतिम विदाई देने लाखों लोग पहुंचे थे। उनके परिवार से मिलने कई दिग्गज हस्तियां आईं थीं, उद्योगपति गौतम अदाणी भी वहां गए थे। 

यह भी पढ़ें: गायक जुबीन गर्ग की मौत केस में दो लोगों की गिरफ्तारी क्यों हुई?

प्रशंसकों ने आइलैंड का नाम जुबिन गर्ग आइलैंड किया

जुबिन गर्ग के प्रशंसकों ने उस आइलैंड को जुबिन गर्ग आइलैंड का नाम दे दिया है। गूगल मैप पर यह साफ नजर भी आ रहा है। उनकी पत्नी ने कहा है कि मौत की जगह लाजरस आइलैंड थी। 19 सितंबर को वह स्वीमिंग कर रहे थे, तभी उनकी मौत हो गई। यह जगह सेंट जॉन्स आइलैंड के पास ही है। उनकी याद में प्रशंसकों ने गूगल मैप्स पर इस आइलैंड का नाम बदलकर जुबिन गर्ग आइलैंड कर दिया है। उनके प्रशंसक इससे बेहद खुश हैं। सोशल मीडिया पर यह वायरल हो रहा है। आधिकारिक तौर पर नाम नहीं बदला है।

जुबिन गर्ग आइलैंड। (Photo Credit: Google Maps)

मौत की जांच कहां तक पहुंची?

जुबिन गर्ग की मौत के सिलसिले में उनके प्रबंधक सिद्धार्थ शर्मा और इवेंट के आयोजक श्यामकानु महंत पर हत्या का आरोप लगा है। 2 अक्टूबर को जुबिन के म्युजीशियन शेखर ज्योति गोस्वामी और सिंगर अमृतप्रवा महंत को गिरफ्तार किया। दोनों को दिल्ली में अम पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में हैं। न्यायिक आयोग को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
 
यह भी पढ़ें: जुबीन गर्ग केस: बैंड में काम करने वाले साथी गिरफ्तार क्यों हो गए?

क्या आरोप लगे हैं?

सिद्धार्थ शर्मा और श्यामकानु महंत पर गैर-इरादतन हत्या, आपराधिक साजिश व लापरवाही से मौत के लिए जिम्मेदार होने के आरोप लगाए गए हैं।

कौन हैं आरोपी?

श्यामकानु महंत असम के पूर्व डीजीपी भास्कर ज्योति महंत के छोटे भाई हैं। ज्योति असम राज्य सूचना आयोग के मुख्य सूचना आयुक्त हैं। उनके बड़े भाई नानी गोपाल महंत गुवाहाटी विश्वविद्यालय के कुलपति हैं। वह सीएम हिमंत बिस्व सरमा के शिक्षा सलाहकार भी रहे हैं। 

जुबिन की मौत पर गुस्से में हैं लोग

सिद्धार्थ शर्मा और श्यामकानु महंत के खिलाफ राज्यभर में गुस्सा है। करीब 60 से ज्यादा शिकायतें दर्ज की गईं हैं। श्यामकानु महंत, सिंगापुर में ‘नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल’ के मुख्य आयोजक थे, जिसमें जुबिन परफॉर्म करने वाले थे।


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