नॉर्वे की पत्रकार हेले लेंग एक बार फिर सुर्खियों में हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल पूछकर सुर्खियां बटोरी थीं, वहीं अब हेले लेंग अपने सोशल मीडिया अकाउंट सस्पेंड होने को लेकर चर्चाओं में हैं। जब हेले लेंग ने नरेंद्र मोदी से सवाल पूछा था, तब उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। उस वीडियो को देखकर कई लोगों ने उन्हें ट्रोल किया, जिन्हें वह जवाब देना चाहती थीं लेकिन तब तक उनका अकाउंट ही सस्पेंड हो चुका था। हेले लेंग का दावा है कि उनका अकाउंट इसलिए सस्पेंड हुआ क्योंकि वह निर्भीक सवाल पूछ रही थीं।
हेले लेंग ने नॉर्वे के एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान नरेंद्र मोदी से सवाल पूछा था। उसी वजह से वह सोशल मीडिया पर मशहूर हो गईं। हेले लेंग के एक्स अकाउंट पर पहले 400 फॉलोअर्स थे, जो बढ़कर 45 हजार हो गए। हेले लेंग ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट सस्पेंड होने की जानकारी एक्स अकाउंट पर दी थी।
यह भी पढ़ें: नहाती लड़कियों के वीडियो बनाते थे क्रिकेटर, पकड़े गए तो 5 लाख देकर छूट गए
हेले ने नरेंद्र मोदी से क्या सवाल पूछा?
पीएम नरेंद्र मोदी हाल ही में नॉर्वे में एक संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग में गए थे। जहां कार्यक्रम खत्म होने के बाद वह हॉल से बाहर निकल रहे थे, तभी हेले लेंग ने चिल्लाकर सवाल पूछा, 'आप दुनिया के नंबर 1 स्वतंत्र प्रेस से सवाल क्यों नहीं लेते?' इस सवाल पर नरेंद्र मोदी ने कोई जवाब नहीं दिया। कई लोग अंदाजा लगा रहे हैं कि मोदी को सवाल सुनाई दिया होगा। इसी दौरान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था।
इस घटना के बाद हेले लेंग ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट कर कहा, 'नरेंद्र मोदी ने मेरे सवालों का जवाब नहीं दिया, मुझे पहले से पता था। नॉर्वे का प्रेस फ्रीडम इंडेक्स नंबर 1 पर है, जबकि भारत 157वें नंबर पर है।' इस पोस्ट को लेकर कई लोगों ने कमेंट कर विरोध किया था।
यह भी पढ़ें: फ्रांस ने कर लिया एलन मस्क को तलब, यौन शोषण से जुड़ा है मामला
हेले लेंग का इंस्टाग्राम और फेसबुक अकाउंट हुआ सस्पेंड
अकाउंट सस्पेंड होने के बाद हेले लेंग ने एक्स अकाउंट पर पोस्ट कर कहा, 'जो लोग मुझसे इंस्टाग्राम और फेसबुक पर संपर्क कर रहे हैं, उन्हें बता दूं कि मेरा अकाउंट सस्पेंड हो चुका है।' इसके बाद हेले ने कहा, 'मैं ज्यादा से ज्यादा भारतीय लोगों को जवाब देना चाहती थी, अब उन्हें कुछ समय बाद ही जवाब दे पाऊंगी।'
इसके अगले पोस्ट में हेले लेंग ने कहा, 'एक स्वतंत्र प्रेस के लिए अकाउंट सस्पेंड होना एक छोटी सी कीमत है।' साथ ही उन्होंने कहा कि उनके साथ ऐसा पहली बार हुआ है।