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मध्यस्थ बन रहे पाकिस्तान में अपना कॉन्सुलेट क्यों बंद कर रहा अमेरिका?

ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान मध्यस्था कर रहा है और इस बीच अमेरिका ने पाकिस्तान को झटका दे दिया है। अमेरिका ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा से अपना कॉन्सुलेट बंद करने का फैसला किया है।

Asim Munir

शहबाज शरीफ, डोनाल्ड ट्रंप और आसिम मुनीर। Photo Credit: PTI

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ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्था कर रहे पाकिस्तान को अमेरिका ने ही एक बड़ा झटका दे दिया है। दोनों देशों के बीच संघर्ष खत्म कराने में लगे पाकिस्तान के पेशावर में स्थित अणेरिका के कॉन्सुलेट यानी वाणिज्य दूतावास अब बंद होने वाला है। अमेरिका ने इस चरणबद्ध तरीके से बंद करने की घोषणा कर दी है। अमेरिका ने पाकिस्तान को कांसुलेट की सुरक्षा न कर पाने का आरोप लगाया है। इससे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर की पूरी दुनिया में बेइज्जती हुई है और ईरान शांति वार्ता के जरिए जो छवि बनाने की कोशिश की गई थी उसे भी नुकसान पहुंचा है। 

 

अमेरिका ने कहा कि वह अपने कर्मियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पेशावर में स्थित वाणिज्य दूतावास को चरणबद्ध तरीके से बंद करने की घोषणा कर रहा है। अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से यह कदम उठाया गया है। इस संबंध में सोशल मीडिया पर ब्यूरो ऑफ साउथ एंड सेंट्रल एशिया अफेयर के हैंडल से पोस्ट कर जानकारी दी गई। इसके बाद अब पेशावर में स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के चरणबद्ध तरीके से बंद किये जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। 

 

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इस्लामाबाद से होगा काम

अमेरिकी विदेश विभाग पेशावर में अमेरिकी कॉन्सुलेट को चरणबद्ध तरीके से बंद करने की घोषणा के साथ ही यह भी बता दिया है कि अब अमेरिका पाकिस्तान में कहां से काम करेगा। ब्यूरो ऑफ साउथ एंड सेंट्रल एशिया अफेयर के हैंडल से  की गई पोस्ट में कहा गया है कि खैबर पख्तूनख्वा के साथ राजनयिक जुड़ाव की जिम्मेदारी इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास को ट्रांसफर कर दी जाएंगी।

क्यों लिया यह फैसला?

पाकिस्तान को अमेरिका ने यह बड़ा झटका अपने राजनयिक कर्मचारियों की सुरक्षा के कारण लिया है। अमेरिका की ओर से जारी बयान में कहा गया है, 'यह फैसला हमारे राजनयिक कर्मचारियों की सुरक्षा और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।' इसके साथ ही अमेरिकी विदेश विभाग ने पाकिस्तान को लेकर अमेरिका की प्राथमिकताओं में बदलाव ना होने की बात कही है। 

 

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खैबर पख्तूनख्वा में था कॉन्सुलेट

अमेरिका का यह कॉन्सुलेट खैबर पख्तूनख्वा में था। अमेरिका की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि अमेरिकी अधिकारी खैबर पख्तूनख्वा में स्थानीय नेताओं और समुदायों के साथ संपर्क बनाए रखेंगे, ताकि आर्थिक संबंधों को बढ़ावा दिया जा सके, क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत किया जा सके और अमेरिकी लोगों के हितों को आगे बढ़ाया जा सके। अमेरिका पिछले एक साल से इस कॉन्सुलेट को बंद करने की योजना पर काम कर रहा था। इसके अलावा इस्लामाबाद, कराची और लाहौर में अमेरिका के कॉन्सुलेट मौजूद हैं। 

 


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