एक नए वैरिएंट का कोविड अमेरिका और कई देशों में फैल रहा है। हालांकि, अभी इसके ज्यादा मामले सामने नहीं आए हैं। यह नया वैरिएंट कोविड-19 वैरिएंट BA.3.2 है, जिसका नाम 'सिकाडा' रखा गया है। अमेरिका और दुनिया के कई अन्य देशों में धीरे-धीरे फैल रही है। हालांकि कुल कोविड केस अभी कम हैं, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस वैरिएंट पर नजर रखे हुए हैं।
यह वैरिएंट नवंबर 2024 में दक्षिण अफ्रीका में पहली बार पाया गया था। शुरू में यह ज्यादा सुर्खियों में नहीं आया और महीनों तक चुपचाप फैलता रहा। दिसंबर 2025 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे 'वैरिएंट अंडर मॉनिटरिंग' यानी निगरानी में रखने वाला वैरिएंट घोषित कर दिया।
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25 राज्यों में फैला
अमेरिका में इसकी स्थिति अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के अनुसार, फरवरी तक यह वैरिएंट अमेरिका के कम से कम 25 राज्यों में पाई गई है। यह पहली बार जून 2025 में सैन फ्रांसिस्को एयरपोर्ट पर एक यात्री में मिला था, जो नीदरलैंड से आया था। अब यह वैरिएंट मरीजों के सैंपल और यहां तक कि सीवेज (गंदे पानी) के सैंपल में भी दिख रहा है।
दुनिया भर में फैला यह वैरिएंट अब कम से कम 23 देशों में पहुंच चुका है। यूरोप के कुछ हिस्सों जैसे डेनमार्क, जर्मनी और नीदरलैंड में यह करीब 30 प्रतिशत मामलों के लिए जिम्मेदार है। अन्य देशों में भी यह धीरे-धीरे बढ़ रहा है।
क्यों है यह वैरिएंट खास?
BA.3.2 में स्पाइक प्रोटीन (वायरस का वह हिस्सा जो इंसानी कोशिकाओं में घुसता है) में बहुत ज्यादा बदलाव (म्यूटेशन) हैं। इसमें 70 से 75 तक म्यूटेशन बताए गए हैं। यह हाल के अन्य वैरिएंट जैसे JN.1 और LP.8.1 से काफी अलग है, जिनके आधार पर मौजूदा कोविड वैक्सीन बनाई गई हैं।
अभी तक कोई सबूत नहीं है कि यह वैरिएंट लोगों को पहले से ज्यादा बीमार करती है या अस्पताल में भर्ती होने की संख्या बढ़ाती है। कुल मिलाकर कोविड के मामलों में कोई बड़ा उछाल नहीं देखा गया है।
लक्षण क्या हैं?
इस वैरिएंट के लक्षण आम कोविड वैरिएंट जैसे ही हैं। ज्यादातर लोगों में खांसी, बुखार या ठंड लगना, गले में खराश, नाक बंद होना या बहना, सांस लेने में तकलीफ, सूंघने या स्वाद लेने की क्षमता कम होना, थकान, सिरदर्द, पेट की समस्या इत्यादि देखा जाता है।
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विशेषज्ञों का कहना है कि इस वैरिएंट की मॉनीटरिंग जारी रखना जरूरी है क्योंकि इसमें इम्यूनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) को चकमा देने की संभावना है। लेकिन अभी स्थिति नियंत्रण में है। लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए, खासकर अगर लक्षण दिखें तो डॉक्टर से संपर्क करें और हाथ धोने, मास्क आदि पहनने की आदतें अपनाएं।