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भारत में फैल रहा निपाह वायरस, एशियाई देशों के एयरपोर्ट पर कोविड जैसी चेकिंग

कोरोना महामारी के समय जैसी जांच एयरपोर्ट पर हो रही थी, वैसी ही जांच अब एशिया के कई देशों में हो रही है। इसकी वजह है कि भारत में निपाह वायरस के कई मामले सामने आए हैं।

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हवाई अड्डों पर हो रही खास स्क्रीनिंग, Photo Credit: Social Media

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भारत में निपाह वायरस के बढ़ते मामलों का असर आसपास के देशों में देखा जा रहा है। 75 प्रतिशत मृत्यु दर वाले इस वायरस के 5 संक्रमित पश्चिम बंगाल में पाए गए हैं। अब नेपाल, ताईवान और थाईलैंड के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर कोविड-19 के समय जैसी जांच शुरू कर दी गई है। यह एक ऐसा वायरस है जो इंसानों से इंसानों में आसानी से फैल सकता है। यही वजह है कि इन देशों में खलबली मची हुई है।

 

चमगादड़ और सूअरों से फैलने वाला यह वायरस बेहद जानलेवा माना जाता है और इंसान भी इसकी चपेट में आ जाते हैं। पश्चिम बंगाल में अभी तक 100 से ज्यादा लोगों को क्वारंटीन किया जा चुका है। एक डॉक्टर, एक नर्स और एक अन्य स्टाफ को भी संक्रमित पाया गया है। इससे पहले एक पुरुष और एक महिला नर्स को निपाह से संक्रमित पाए गए थे

एशियाई देशों में फैला डर

 

अब थाईलैंड के स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश के बड़े हवाई अड्डों पर स्क्रीनिंग बढ़ा दी है। पश्चिम बंगाल से आने वाले यात्रियों पर खास ध्यान दिया जा रहा है और कोविड-19 जैसा प्रोटोकॉल अपनाकर इन यात्रियों का हेल्थ चेकअप किया जा रहा है। 

 

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थाईलैंड के डॉन मुएंग, फुकेट और सुवर्णभूमि हवाई अड्डों पर उतर रहे यात्रियों के बुखार और अन्य लक्षणों की जांच की जा रही है। साथ ही, उन्हें एक गाइड दी जा रही है जिसमें यह बताया गया है कि अगर वे बीमार पड़ें तो उन्हें क्या करना है। 

 

इसी के साथ फुकेट इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर साफ-सफाई बढ़ा दी गई है। बता दें कि कोलकाता से इंडिगो की एक फ्लाइट हर दिन फुकेट जाती है। यही वजह है कि इतनी निगरानी की जा रही है। थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुटिन चार्नविरकुल ने कहा है कि निपाह का कोई केस तो नहीं मिला है लेकिन सर्विलांस इसी तरह से जारी रहेगा।

नेपाल में क्या हो रहा है?

 

भारत के पड़ोसी देश नेपाल की सीमाएं पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों से लगती है। ऐसे में नेपाल के काठमांडू इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर चेकिंग बढ़ा दी गई है। एयरपोर्ट पर हेल्थ डेस्क बनाई गई हैं जहां मरीजों की जांच की जा रही है कि उनमें निपाह वायरस के लक्षण हैं या नहीं। यहां भी पश्चिम बंगाल से आने वाले लोगों पर खास नजर रखी जा रही है।

 

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नेपाल के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि वायरस का संक्रमण रोकने के लिए इंतजाम किए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता डॉ. प्रकाश का कहना है, 'नेपाल आ रहे यात्रियों की स्क्रीनिंग त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट और भारत के बॉर्डर प्वाइंट्स पर की जा रही है।'

ताईवान भी अलर्ट

 

निपाह के खतरे को देखते हुए ताईवान तैयारी कर रहा है कि इसे कैटगरी 5 के तहत नोटिफाई किया जाए। कैटगरी 5 में बेहद खतरनाक बीमारियों को नोटिफाई किया जाता है। इसका असर यह होगा कि ऐसे संक्रमित सामने आने पर तुरंत कदम उठाए जाएंगे ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। फिलहाल, ताईवान ने लेवल 2 का यलो अलर्ट जारी किया है और भारत से आने वाले यात्रियों पर नजर रखी जा रही है।

कितना खतरनाक है निपाह वायरस?

 

बता दें कि वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) ने प्रायॉरिटी पैथोजन की कैटगरी में रखा है और इसके बारे में मानना है कि इससे महामारी फैल सकती है। इसके संक्रमितों की मृत्यु दर 40 से 75 प्रतिशत तक हो सकती है और अभी तक इसका कोई इलाज या वैक्सीन भी नहीं है। कोरोना की तरह ही लक्षणों के आधार पर ही इसके संक्रमितों का इलाज किया जाता है। 

क्या हैं निपाह वायरस के लक्षण?


शुरुआती तौर पर लोगों में बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, गले में जकड़न और उल्टी जैसे लक्षण देखे जाते हैं। ज्यादा गंभीर स्थिति हुई तो मरीज में सुस्ती आ जाती है, मतिभ्रम होता है, दिन में अजीबोगरीब सपने आते हैं और सांस लेने में भी दिक्कत होने लगती है। 

 

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कई बार यह भी देखा गया है कि निपाह के संक्रमितों में कोई लक्षण ही नहीं दिखता और आखिर में सांस संबंधी समस्याएं होने लगती हैं। आगे चलकर दिमाग संबंधी समस्याएं भी होने लगती हैं जो जानलेवा भी हो जाती हैं।

 

अभी तक भारत के अलावा बांग्लादेश, मलेशिया, फिलीपीन्स और सिंगापुर में निपाह वायरस के संक्रमित पाए गए हैं। सबसे ज्यादा मामले बांग्लादेश में आए हैं। इंटरनेशनल सोसायटी फॉर इन्फेक्सियस डिजीज के मुताबिक, बांग्लादेश में सामने आए कुल 341 संक्रमितों में से 241 की मौत भी हो गई है।


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