अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को नाटो (NATO) के सहयोगी देशों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने उन्हें 'कायर' (cowards) कहा और नाटो को अमेरिका के बिना 'कागजी शेर' (paper tiger) बताया।
ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया साइट ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा, 'अमेरिका के बिना नाटो एक कागजी शेर है! वे न्यूक्लियर पावर वाले ईरान को रोकने की लड़ाई में शामिल नहीं होना चाहते थे। अब वह लड़ाई सैन्य रूप से जीत ली गई है, और उनके लिए बहुत कम खतरा है। फिर भी वे ऊंची तेल की कीमतों की शिकायत करते हैं लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलने में मदद नहीं करना चाहते, जो कि छोटी सी सैन्य कार्रवाई से हो सकता है। यह ऊंची तेल कीमतों का मुख्य कारण है। यह वे बहुत कम जोखिम में आसानी से कर सकते हैं। कायर, और हम याद रखेंगे!'
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कई देशों ने किया था इनकार
यह विवाद तब सामने आया जब कई देशों ने ट्रंप के अमेरिका के नेतृत्व में ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान में शामिल होने से इनकार कर दिया। वे होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा के लिए युद्धपोत नहीं भेजना चाहते। यह जलडमरूमध्य दुनिया के लगभग 20% कच्चे तेल का रास्ता है।
28 फरवरी को शुरू हुआ था अभियान
ईरान ने अमेरिका और इज़रायल द्वारा 28 फरवरी को शुरू किए गए युद्ध के जवाब में होर्मुज में जहाजों पर हमले किए, मिसाइल और ड्रोन से गल्फ क्षेत्र में हमले किए। इससे दुनिया भर में तेल की कीमतें 40 से 50 प्रतिशत तक बढ़ गईं।
ट्रंप ने पहले भी कहा था कि अमेरिका को सहयोगियों की जरूरत नहीं है, क्योंकि कई नाटो सदस्य ईरान के खिलाफ अभियान में हिस्सा नहीं लेना चाहते। उन्होंने एक अन्य पोस्ट में लिखा था कि ज्यादातर नाटो सहयोगी 'आतंकवादी ईरान शासन' के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में शामिल नहीं होना चाहते, जबकि वे मानते हैं कि ईरान के पास कभी भी न्यूक्लियर हथियार नहीं होने चाहिए।
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ट्रंप ने चेतावनी दी कि सहयोग न देने से नाटो का भविष्य 'बहुत बुरा' हो सकता है। उन्होंने फाइनेंशियल टाइम्स को बताया कि सहयोगियों की अनिच्छा से इस गठबंधन को नुकसान पहुंच सकता है।