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'अमेरिका ने हमला किया तो भारत पर हमला कर देना है..', अब्दुल बासित ने क्यों कहा?

भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव अब तक कम नहीं हुआ है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद से दोनों देशों के संबंध बेहद तल्ख हैं।

Abdul Basit

अब्दुल बासित। Photo Credit: PTI

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पाकिस्तान के पूर्व उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने भारत के खिलाफ एक बार फिर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर अमेरिका पाकिस्तान पर हमला करता है तो इस्लामाबाद बिना किसी हिचकिचाहट के भारत के कई प्रमुख शहरों को निशाना बना सकता है। उन्होंने यहां तक कहा मुंबई पर ही मिसाइल दाग देनी चाहिए।|

अब्दुल बासित ने कहा कि यह सबसे खराब स्थिति हो सकती है। उन्होंने कहा था कि वह ऐसा नहीं चाहते, लेकिन ऐसी स्थिति में भारत उनका  डिफॉल्ट लक्ष्य होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका या इजरायल पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम पर हमला करने की स्थिति में भी यही रास्ता अपनाएगा। पाकिस्तान अमेरिका तक नहीं पहुंच सकता है।

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अब्दुल बासित, पूर्व उच्चायुक्त, पाकिस्तान:-
'अगर अमेरिका पाकिस्तान पर हमला करता है तो हमें भारत पर हमला करना होगा। हमारे मिसाइल अमेरिका तक नहीं पहुंच सकतीं, लेकिन हम भारत में मुंबई और नई दिल्ली पर बिना किसी दूसरी सोच के हमला करेंगे। हम इसे नहीं छोड़ेंगे, बाद में जो होगा देखा जाएगा।'

पाकिस्तान को उकसा रहे अब्दुल बासित?

यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में पहले से ही तनाव चरम पर है। अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 नागरिकों की मौत हो गई थी। देश के आम नागरिकों को निशाना बनाया गया था। इस हमले के जवाब में भारत ने मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर चलाया, जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ढांचे पर हमले किए गए। 

यह भी पढ़ें: पाकिस्तान की अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक, 400 की मौत; 250 घायल

 

ऑपरेशन सिंदूर का सबक भूल रहा पाकिस्तान?

भारत ने इस ऑपरेशन में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिज्बुल मुजाहिदीन के कई ठिकानों को तबाह किया था। हमले में 100 से ज्यादा आतंकियों को मारा गया था। 

कौन हैं अब्दुल बासित?

अब्दुल बासित 2014 से 2017 तक भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त रह चुके हैं। भारत और पाकिस्तान के संबंध, तब भी तनावपूर्ण थे। उनके बयान ने एक बार फिर क्षेत्रीय चिंताएं बढ़ा दी हैं। भारत सरकार ने अभी तक इस बयान पर कोई जवाब नहीं दिया है। लोग उनकी आलोचना कर रहे हैं।  

 


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