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दोषी पर गोलियां चलाई, मार डाला, अमेरिका में मौत की सजा पर उठे सवाल

ब्रैड सिगमन को फायरिंग स्क्वाड ने मौत की सजा दी है। दक्षिण कैरोलिना का पहला कैदी है, जिसे इस तरह की मौत दी गई हो। पढ़ें रिपोर्ट।

Brad Sigmon

ब्रैड सिगमन। (File Photo Credit: USA Correction Department)

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अमेरिका में एक शख्स को गोली मारकर मौत की सजा दी गई है। दक्षिण कैरोलिना में इस तरह की सजा का मामला, पहली बार सामने आया है। साल 2003 के बाद अमेरिका में भी इस तरह से मारे जाने वाला पहला शख्स है। दक्षिण कैरोलिना ने अपनी पूर्व प्रेमिका के माता-पिता की हत्या करने का दोषी पाया गया है।

बीते 15 साल में फायरिंग स्क्वाड के जरिए किसी को सजा देना का पहला मामला सामने आया है।  ब्रैड सिगमन को शुक्रवार को मौत दी गई है। अमेरिका में मृत्युंदड के तरीकों पर बहस बहुत पुरानी है। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि अमेरिका जैसे प्रगतिशील देश को इस तरह से मौत की सजा नहीं देनी चाहिए।

क्यों ब्रैड सिगमन को हुई फांसी?

ब्रैड सिगमन पर करेक्शन डिपार्टमेंट के वॉलंटियर्स ने धड़ाधड़ गोलियां मारीं, जिसके बाद उसकी मौत होगई। ब्रैड सिगमन की उम्र 67 साल थी। साल 2001 में डेविड और ग्लेडिस लार्के की उसने बेसबॉल बैट से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी।ब्रैड ने बंदूक की नोक पर अपनी पूर्व प्रेमिका का अपहरण किया था। वह किसी तरह बचकर भाग निकली, उसने गोली चला दी थीं।

अमेरिका में कैसे मिलती है मौत की सजा?
अमेरिका में तीन तरह से मौत की सजा सुनाई जाती है। इलेक्ट्रिक चेयर पर बैठाकर, इंजेक्शन लगाकर या फायरिंग स्क्वाड के जरिए मौत की सजा मिलती है। ब्रैड ने अनुरोध किया था कि गोली मारकर हत्या की जाए। दक्षिण कैरोलिना करेक्शन डिपार्टमेंट ने की एक अधिकारी ने BBC से बातचीत में कहा है कि गोलियां लगने के बाद वह मर गया था। अमेरिका के स्थानीय समय के मुताबिक उसे शाम 6.8 बजे गोलियां मारी गईं। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। ग्लेडिस लार्के के परिवार के 3 सदस्य और ब्रैड सिगमन के आध्यात्मिक सलाहकार भी उसकी मौत के वक्त मौजूद थे। उसे एक कुर्सी पर बांधा गया था, जिसके नीचे खून इकट्ठा करने का बर्तन रखा गया था। 

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आखिरी शब्द क्या थे?
ब्रैड ने वहां मौजूद लोगों से कहा था कि उसका अंतिम बयान प्यार से भरा हो, साथी ईसाई मौत की सजा खत्म करने के लिए आगे आएं। मौत की सजा खत्म की जाए। 


कैसे दी गई मौत?
एक पर्दा खुला, जिसके अंदर 3 वॉलंटियर छिपे थे। तीनों ने बिना किसी उल्टी गिनती के 15 दूरी से गोली चलाई। सिगमन के दिल पर गोलियां चलाई गईं। जब उसे गोली मारी गई तो उसकी छाती कई बार ऊपर-नीचे हुई। उस वक्त उसे असहनीय दर्द हुआ लेकिन थोड़ी देर बाद शरीर शांत पड़ गया।

नहीं काम आई अंतिम दलील
लोग उम्मीद में थे कि दक्षिण कौरोलिना के गवर्नर मौत की सजा माफ कर देंगे। 

आखिरी बार क्या खाया था?
उसने अंतिम बार फ्राइड चिकन, हरी बीन्स की ग्रेवी के साथ मसले हुए आलू, बिस्कुट, चीजकेक खाया था। चाय भी पी थी। 

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गोली मारकर मौत की सजा! इतिहास देखिए

अमेरिका में 1977 के बाद फायरिंग स्क्वाड ने केवल तीन लोगों को मौत दी है। तीनों यूटा राज्य के मामले थे। आखिरी मामला 2010 में रोनी ली गार्डनर का था। 


शहर-शहर विरोध प्रदर्शन
अमेरिका में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने कहा कि ऐसी सजा बंद होनी चाहिए। कोलंबिया शहर के बाहर लोगों ने प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि जीवन अनमोल है, हत्या नहीं होनी चाहिए। 
 
कौन देता है मौत की सजा?
अमेरिका में मौत की सजा देने वाले जल्लादों को छिपाया जाता है। ऐसा उनकी सुरक्षा के लिए किया जाता है। दक्षिण कैरोलिना में साल 2023 में एक कानून पारित किया गया था, जिसके मुताबिक मौत देने वाली टीम की पहचान गुप्त रखी जाए।

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